20/08/26 | 11:43 am | Sugar Price | Sugar Stock Limit

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चीनी की कीमतों में उछाल के बीच सरकार ने थोक उपभोक्ताओं पर 15 दिन की स्टॉक सीमा लगाई

त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी के स्टॉक की सीमा तय कर दी है। अब हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी की खपत करने वाले थोक उपभोक्ता अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर ही चीनी का भंडार रख सकेंगे।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नई व्यवस्था 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी।

आदेश के तहत उत्पादन, उपभोग या अन्य उपयोग के लिए हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले किसी भी थोक उपभोक्ता को 15 दिनों से अधिक की खपत के बराबर स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

सरकार ने थोक उपभोक्ताओं में कन्फेक्शनरी कंपनियों, शीतल पेय निर्माता, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, मिठाई विक्रेताओं और अन्य संस्थागत खरीदारों को शामिल किया है। इसके लिए पिछले एक वर्ष के दौरान औसतन कम से कम 10 मीट्रिक टन मासिक चीनी खपत को आधार बनाया जाएगा। चालू महीने की खपत को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।

हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन तथा स्थानीय निकायों से संबंधित संस्थानों को इस आदेश से छूट दी गई है।

सरकार प्रत्येक चीनी मिल द्वारा थोक उपभोक्ताओं को सीधे या डीलरों के माध्यम से बेची गई चीनी की मासिक मात्रा की भी निगरानी करेगी। चीनी की खपत का निर्धारण विक्रेताओं या खरीदारों द्वारा संबंधित एचएसएन (Harmonised System of Nomenclature) कोड के तहत दाखिल जीएसटी रिटर्न के आधार पर किया जाएगा।

सरकार ने इससे पहले डीलरों को भी अधिकतम 30 दिनों की खपत के बराबर चीनी स्टॉक रखने का निर्देश दिया था, ताकि बाजार में आपूर्ति बढ़ाई जा सके। इसके बावजूद चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त को चीनी की औसत खुदरा कीमत सालाना आधार पर करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो एक साल पहले 46.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

नई स्टॉक सीमा का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना, जमाखोरी की आशंका को कम करना और त्योहारी सीजन के दौरान कीमतों पर दबाव को नियंत्रित करना है।

-(इनपुटःएजेंसी)