ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) ने चिंता जाहिर की है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेहरान में स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाए जाने की खबरों पर निराशा जाहिर किया। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने डब्ल्यूएचओ महानिदेशक के बयान को रिशेयर किया।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने एक्स पर लिखा, “मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच हाल के दिनों में ईरान की राजधानी तेहरान में स्वास्थ्य केंद्रों पर कई हमलों की खबरें आई हैं। ईरान में पाश्चर इंस्टीट्यूट को काफी नुकसान हुआ और वह स्वास्थ्य सेवाएं देना जारी नहीं रख सका। यह संस्था 1920 में बना था और मेडिकल रिसर्च के कई क्षेत्र में एक सदी से भी ज्यादा समय से काम कर रहा है। यह इमरजेंसी में भी लोगों के स्वास्थ्य को बचाने और बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि इसके दो विभाग डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर काम करने वाले सेंटर के तौर पर सक्रिय रहे हैं। इसके अलावा, 29 मार्च को हड़ताल की वजह से डेलाराम सिना साइकियाट्रिक हॉस्पिटल को काफी नुकसान हुआ और 31 मार्च को एक और हमले में टोफिघ दारू फार्मास्युटिकल फैसिलिटी, जो कैंसर और मल्टीपल स्केलेरोसिस के इलाज के लिए दवाएं बनाती थी, को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
डब्ल्यूएचओ ने 1 मार्च से लेकर अब तक ईरान की स्वास्थ्य सुविधाओं पर 20 से ज्यादा हमलों की पुष्टि की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन हमलों में कम से कम नौ मौत की पुष्टि की है, जिसमें एक संक्रमण वाली बीमारी के स्वास्थ्यकर्मी और ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के एक सदस्य की मौत भी शामिल है।
डब्ल्यूएचओ ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर तेहरान के बाहर भी हमले दर्ज किए गए हैं। इन हमलों में 21 मार्च को खुजेस्तान प्रांत के अंदिमेशक में इमाम अली हॉस्पिटल के पास एक धमाका भी शामिल है। धमाके की वजह से जगह को खाली कराकर सेवाएं बंद करनी पड़ीं।
महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा, “ईरान और इस इलाके में लड़ाई, स्वास्थ्य सुविधाओं की डिलीवरी और स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद स्वास्थ्य श्रमिकों, मरीज और आम लोगों की सुरक्षा पर असर डाल रही है। शांति सबसे अच्छी दवा है।”(इनपुट-आईएएनएस)


