प्रतिक्रिया | Saturday, June 15, 2024

भाजपा नेता और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को रायबरेली में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मणिशंकर अय्यर और फारूख अब्दुल्ला कहते हैं कि पीओके की बात मत करो। पाकिस्तान के पास एटम बम है। मैं आज यहां से कहकर जाता हूं, आपको डरना है तो डरिये लेकिन पीओके भारत का है, रहेगा और हम इसे लेकर रहेंगे।

इन्हें किसने विरासत में दी ये सीट ?

अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग केवल अपने परिवारों के लिए राजनीति करने वाली कांग्रेस और सपा का पूरी तरह सफाया करने का मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और इंडी अलायंस परिवारवादी गठबंधन है। ये सिर्फ अपने परिवार की सोचते हैं। लालू प्रसाद यादव अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। ममता बनर्जी अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती हैं और सोनिया गांधी अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाना चाहती हैं। वह कह रहे हैं कि रायबरेली और अमेठी की सीट हमारे परिवार की सीट हैं। मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि इन्हें किसने विरासत में दी ये सीट ? राबरेली व अमेठी वाले जिसे चाहेंगे वहीं संसद जायेगा। जो संकट में साथ रहता है जो विकास की बात करता है। मैं डंके की चोट पर कह रहा हूं कि अमेठी में स्मृति बहन और रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह जीतेंगे और ये दोनों सीट पीएम मोदी की झोली में जाने वाली हैं।

योगी आदित्यनाथ ने यूपी से गुंडों को चुन-चुनकर साफ किया

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश से गुंडों को चुन-चुनकर साफ करने का काम योगी आदित्यनाथ ने किया है। जो परिवार की सीट कहते हैं, उनकी लोकसभा में 70 साल से कलेक्टर ऑफिस नहीं था। 2018 में वहां कलेक्टर ऑफिस की नींव डालने का काम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने किया है। उन्होंने आगे कहा कि दिनेश प्रताप सिंह जैसा हर समय जनता के बीच रहने वाला प्रत्याशी मोदी ने आपको दिया है। मैं आपको गारंटी देकर जाता हूं, दिनेश प्रताप को चुन लीजिए, आपकी हर जरूरत के वक्त ये आपको मिलेंगे। ये मेरी जिम्मेदारी है।

जन प्रतिनिधि ऐसा चुनिए जो आपके काम आए

अमित शाह ने रायबरेली की जनता से कहा कि जन प्रतिनिधि ऐसा चुनिए जो आपके काम आए। वहीं स्मृति ईरानी मुंबई से आई हैं। 2014 में जब मैं यहां उनके प्रचार में आया, तो मुझे लगा कि यहां स्मृति ईरानी क्या करेंगी। तब उन्होंने कहा कि अमित भाई, मैं यहां घर बनाउंगी और यहीं रहूंगी। आज उन्होंने गौरीगंज में घर भी बना लिया है और वहीं रहती हैं। अमेठी और रायबरेली सालों से गांधी परिवार को अपना नेता मानते रहे। मगर उन्होंने कभी इन्हें अपना नहीं माना। यहां कम से कम 600 लोग अलग-अलग दुर्घटना में मारे गए लेकिन सोनिया गांधी मिलने नहीं आईं। मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। मैं आपसे अपील कर रहा हूं, दोनों सीट (अमेठी और रायबरेली) के मतदाता मोदी की विकास गंगा से जुड़ जाइये।

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आखरी अपडेट: 15th Jun 2024