केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के जामनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक के नवनिर्मित मुख्यालय ‘सहकार भवन’ का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय ने देश के सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा और गति दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह भवन जामनगर और देवभूमि द्वारका के किसानों, सेवा सहकारी मंडलियों और दुग्ध सहकारी संस्थाओं की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है नया भवन
अमित शाह ने बताया कि लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत से बने इस भवन का निर्माण रिजर्व बैंक और नाबार्ड के मानकों के अनुरूप किया गया है। 25 हजार वर्गफुट भूमि पर बने इस भवन में लगभग 47 हजार वर्गफुट का कार्यक्षेत्र है। इसमें प्रशिक्षण केंद्र, किसान छात्रावास, आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम, सम्मेलन कक्ष, सुरक्षित लॉकर सुविधा और भोजन की व्यवस्था जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। भवन में 200 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया गया है, जिससे इसे ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया गया है।
बैंक की उपलब्धियों का किया उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 1969 में ढाई लाख रुपए की पूंजी से शुरू हुआ जामनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक आज मजबूत वित्तीय संस्थान बन चुका है। उन्होंने बताया कि बैंक में 135 करोड़ रुपए की जमा राशि है, 780 करोड़ रुपए का ऋण वितरण किया गया है और बैंक ने 24 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि बैंक का सकल एनपीए शून्य होना उसके कुशल प्रबंधन और सहकारी मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
गांव-गांव तक पहुंचेगी बैंकिंग सेवाएं
अमित शाह ने कहा कि 40 शाखाओं के माध्यम से संचालित यह बैंक आने वाले समय में अपनी सेवाओं का और विस्तार करेगा। बैंक से 431 सेवा सहकारी मंडलियां, छह दुग्ध संघ और 652 दुग्ध उत्पादक मंडलियां जुड़ी हैं तथा यह लगभग डेढ़ लाख से अधिक सहकारी सदस्यों को सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि नया मुख्यालय किसानों और सहकारी संस्थाओं को अधिक आधुनिक और सुरक्षित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
सहकारिता आंदोलन को मिली नई गति
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने अलग सहकारिता मंत्रालय बनाकर देश के सहकारी आंदोलन को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि दो लाख नई प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना, पैक्स में 20 से अधिक नए व्यवसाय शुरू करने, सहकारी संस्थाओं की ऑनलाइन ऑडिट व्यवस्था और विभिन्न सहकारी संस्थाओं को आपस में जोड़ने जैसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी और किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगी।
जामनगर दौरे का भी किया जिक्र
अमित शाह ने कहा कि भविष्य में जामनगर दौरे के दौरान वह सहकार भवन का अवलोकन करेंगे और सेवा सहकारी मंडलियों तथा दुग्ध मंडलियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सहकारी क्षेत्र के विस्तार और किसानों की समृद्धि से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जामनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक आने वाले समय में और अधिक मजबूत होकर गांव-गांव तक किसानों, नागरिकों और सहकारी संस्थाओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराएगा। (इनपुट: पीआईबी)


