केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की लंकामूरा सीमा चौकी (बीओपी) का निरीक्षण किया और जवानों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अगरतला में ‘अगर’ पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव तथा BSF के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
CAPF जवानों ने लगाए 7.5 करोड़ से अधिक वृक्ष
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2019 से अब तक सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवानों ने 7.5 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 40 से 60 लाख वृक्ष लगाए जाएंगे और जो पौधे जीवित नहीं रह सके हैं, उन्हें पुनः लगाया जाएगा। अगले वर्ष 2 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जवान एक वृक्ष को अपने परिजन की तरह मानकर उसकी देखभाल कर रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण में भारत बना वैश्विक उदाहरण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गृह मंत्री ने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है और इसे सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम वृक्षारोपण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारत ने पेरिस घोषणा के सभी लक्ष्यों को समय से पहले पूरा कर विश्व के सामने एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि ऋग्वेद में दिए गए प्रकृति संरक्षण के संदेश को मोदी सरकार ने व्यवहारिक रूप से लागू किया है।
जवानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
गृह मंत्री ने BSF की 37वीं वाहिनी में जवानों के आवास का ई-लोकार्पण और 97वीं वाहिनी में क्वार्टर गार्ड परिसर का ई-शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सीमा की रक्षा करने वाले जवानों के लिए आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं और परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी जवान को एक ट्यूबलाइट की आवश्यकता भी हो तो सरकार उसकी समस्या सुनने और समाधान करने के लिए तैयार है।
जल्द शुरू होगा स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट
अमित शाह ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि जहां-जहां BSF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) तैनात हैं, वहां स्मार्ट बॉर्डर विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट बॉर्डर की अवधारणा अंतिम चरण में है और जल्द ही देश की विभिन्न सीमाओं पर सात से आठ स्थानों पर इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इसमें ड्रोन, सेंसर, स्मार्ट फेंसिंग और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन भी बनेगा सुरक्षा तंत्र का हिस्सा
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों के भरोसे नहीं हो सकती। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक, पटवारी, सरपंच और स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है। एक चतुष्कोणीय सुरक्षा रणनीति के तहत तकनीक, प्रशासन और सुरक्षा बलों के समन्वय से लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा।
सीमा पर हर चुनौती का सामना कर रही BSF
गृह मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा तीन ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा से घिरा संवेदनशील राज्य है। उन्होंने कहा कि BSF नारकोटिक्स तस्करी, मानव तस्करी, हथियारों की स्मगलिंग और ड्रोन जैसी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर रही है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को सुरक्षित बनाना आवश्यक है।
बॉर्डर फेंसिंग के आधुनिकीकरण को मिली गति
अमित शाह ने कहा कि सीमा पर 15 वर्ष से अधिक पुरानी लगभग 650 किलोमीटर फेंसिंग के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत 119 किलोमीटर नई आधुनिक फेंसिंग को मंजूरी दी गई है। साथ ही सीमा चौकियों पर बिजली आपूर्ति, ग्रीन एनर्जी और सुरक्षित पेयजल जैसी परियोजनाओं को भी पूरा किया गया है।
देशभर में लगाए गए 5 लाख से अधिक पौधे
वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत CAPFs, असम राइफल्स, राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (NSG), दिल्ली पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और अंतर-राज्यीय परिषद सचिवालय (ISCS) सहित गृह मंत्रालय के सभी कार्यालयों ने देशभर में 5 लाख से अधिक पौधे लगाए। (इनपुट: पीआईबी)


