आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और उन्हें राज्य में चक्रवात ‘अर्नब’ से हुई तबाही के बारे में बताया।
इसकी जानकारी साझा करते हुए सीएम नायडू ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार, विशाखापत्तनम, कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु, कृष्णा और राज्य के अन्य क्षेत्रों में 70,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फसलें जलमग्न हो गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 10,500 हेक्टेयर में बागवानी फसलों के साथ-साथ घरों, सड़कों और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है।
वहीं, बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को एक पत्र लिखकर जल्द से जल्द नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम (Central Team) भेजने का आग्रह किया है। पत्र में बताया गया है कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों से 28,000 से अधिक लोगों को पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाया गया है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, 180 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, 220 से अधिक पेड़ सड़कों पर गिर गए हैं, तटीय इलाकों में कई जगहों पर सड़कें नष्ट हो गई हैं और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।
पत्र में कहा गया कि नासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, अनाकापल्ली और कृष्णा जिलों में चक्रवात का असर बहुत गंभीर रहा है। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए कंट्रोल रूम और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र लगातार काम कर रहे हैं। पत्र में अनुरोध किया गया है कि नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द से जल्द एक केंद्रीय टीम भेजी जाए।
गौरतलब हो, चक्रवात ‘अर्नब’ से आंध्र प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित हुआ है और राज्य में तीन लोगों की मौत हो गई तथा 31 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। चक्रवात के कारण कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। इसके कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पुलिसकर्मी और सरकारी अधिकारी आवश्यक सेवाएं बहाल करने तथा प्रमुख सड़कों पर यातायात सुचारू करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। (इनपुट-एजेंसी)


