बिहार की राजग सरकार ने बुधवार को विधानसभा के मॉनसून सत्र में पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से एंटी-पेपर लीक कानून पेश किया, जिसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर इस दौरान विपक्ष हंगामा करता रहा और सदन से वॉक-आउट कर गया।

बहुमत के आधार पर विधेयक पास

विपक्ष के हंगामे के बीच प्रभारी मंत्री विजय चौधरी ने बिहार विधानसभा में राज्य सरकार की तरफ से बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक-2024 पेश किया। इस बीच विपक्ष वॉकआउट कर गया। इसके बाद सदन में बहुमत के आधार पर विधेयक पास हो गया।

नये कानून में क्या है प्रावधान ?

नये कानून में प्रावधान किया गया है कि पेपर लीक या इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल होने वाले इस कानून के तहत दोषी होंगे। इस कानून के अधीन सभी अपराध संज्ञेय एवं गैरजमानती होंगे। अब पेपर लीक की जांच भी डीएसपी रैंक के अधिकारी करेंगे।

पेपर लीक करने के दोषी पाए जाने पर 10 साल की जेल

नए कानून के तहत परीक्षा के पेपर लीक करने के दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को 10 साल तक की जेल और एक करोड़ तक का जुर्माना हो सकता है। यह कानून व्यापक है, जो छात्रों, शिक्षकों और अन्य लोगों सहित सभी संबंधित पक्षों पर लागू होता है।

केंद्र सरकार ने भी बनाया है नियम

सदन में बिहार सरकार ने एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी को रोकने के लिए यह कानून बना है। नीट की परीक्षा में जो धांधली हुई है उसे रोकने के लिए केंद्र सरकार ने भी नियम बनाया है, जो पूरे देश में लागू हो गया है लेकिन विपक्ष के सदस्य सदन से बाहर चले गए। (इनपुट-हिंदुस्थान समाचार)

RELATED ARTICLES

12 hours ago | Banaras Hindu University Academic Excellence Awards

मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने को तैयार काशी हिंदू विश्वविद्यालय, प्रतिभाओं का होगा सम्मान

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयूू) में पहली बार शैक्षणिक उत...

09/10/26 | 5:19 pm | Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar

दिल्ली में प्रदर्शन से पहले मेट्रो बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, नियंत्रित तरीके से संचालन के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में मेट्रो ट्रेन सेवाओं को पूरी ...