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बाढ़ से जूझ रहा असम, राहत के लिए सेना का ‘ऑपरेशन जल राहत’ शुरू

असम में लगातार बिगड़ते बाढ़ के हालात के बीच भारतीय सेना ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान के लिए ‘ऑपरेशन जल राहत’ शुरू किया है। पूर्वी असम के कई इलाके जलमग्न होने से सात जिलों में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, सेना और असम राइफल्स की टुकड़ियों को सबसे अधिक प्रभावित चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में तैनात किया गया है। बाढ़ का पानी बड़े क्षेत्रों में फैलने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थिति बिगड़ने पर हवाई राहत के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) को भी तैयार रखा गया है।

सेना के जवान नागरिक प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं। अब तक कई फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

बाढ़ का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। रेलवे ट्रैक के तटबंध क्षतिग्रस्त होने और दो स्थानों पर कटाव आने से रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई गांव अब भी जलमग्न हैं, जबकि निचले इलाकों में सड़क संपर्क भी बाधित हो गया है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के मंत्री बिमल बोरा और सुशांत बोर्गोहेन को प्रभावित जिलों में भेजकर राहत कार्यों की निगरानी और स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहकर राहत सामग्री और पुनर्वास कार्यों को तेज करने को कहा है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, रविवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। शिवसागर जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसके बाद इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

ASDMA के आंकड़ों के मुताबिक, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदालगुड़ी जिलों में 57,100 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। एक दिन पहले यह संख्या करीब 24,000 थी।

सबसे अधिक करीब 24,000 लोग चराइदेव जिले में प्रभावित हैं, जबकि धेमाजी में 22,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। डिब्रूगढ़ में 4,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने क्षेत्र में और बारिश की संभावना को देखते हुए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।

 (इनपुट-आईएएनएस)