असम में अवैध घुसपैठियों पर सख्ती, 18 लोगों को सीमा पार भेजा

असम सरकार ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ सोमवार को कड़ा कदम उठाते हुए 18 घुसपैठियों को देश की सीमा से बाहर भेजा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि इनमें से 11 लोग श्रीभूमि जिले में पकड़े गए थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को उनके देश की सीमा तक वापस भेजा गया।

“आज सुबह श्रीभूमि से 18 लोगों को पुशबैक किया गया, सीएम ने कहा, ‘दीवाली सचमुच वह समय है जब अच्छाई, बुराई पर विजय प्राप्त करती है”

सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह कार्रवाई ‘सीधी और सटीक’ रही। उन्होंने कहा, “जैसे विराट कोहली का सीधा ड्राइव होता है, वैसे ही हम अवैध घुसपैठियों को सीधे उनकी धरती तक लौटा रहे हैं। आज सुबह श्रीभूमि से 18 ऐसे लोगों को पुशबैक किया गया।” उन्होंने आगे बताया, “दीवाली सचमुच वह समय है जब अच्छाई बुराई पर विजय पाती है।”

असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सालमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश से सटी 267 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं

सरकार ने इस कदम को राज्य की सीमाओं की सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक प्रयास बताया है। असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सालमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश से सटी 267 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। श्रीभूमि के सुतरकांडी में एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) के माध्यम से भारत-बांग्लादेश सीमाई आवाजाही की निगरानी की जाती है।

पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त अभियान के तहत अवैध प्रवेश की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जा रही है

असम सरकार ने पिछले वर्ष बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बाद से सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया है। पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त अभियान के तहत अवैध प्रवेश की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, बांग्लादेश में फंसे भारतीय नागरिकों को वैध दस्तावेजों के आधार पर सुरक्षित वापसी की अनुमति दी जा रही है। असम सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सशक्त कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि राज्य की सीमाओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

-(लेखिका आशिका सिंह का पत्रकारिता जगत में 18 वर्षों का अनुभव है, वर्तमान में वे प्रसार भारती न्यूज सर्विस के साथ जुड़ी हैं)