असम सरकार तैयार करेगी नया टूरिज्म रोडमैप, ग्रामीण पर्यटन और रोजगार पर फोकस

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि पिछले एक दशक में राज्य में लगभग छह करोड़ पर्यटकों के आगमन के बाद सरकार अब पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के लिए व्यापक पांच साल का टूरिज्म मास्टर प्लान तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करना और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है।

पर्यटन के अगले चरण की तैयारी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में असम में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि अब सरकार विकास के अगले चरण में ग्रामीण पर्यटन के विस्तार, रोजगार सृजन और सतत विकास पर विशेष ध्यान देगी।

‘छह करोड़ पर्यटक तो सिर्फ शुरुआत’

मुख्यमंत्री ने कहा, “शानदार असम का दायरा और बढ़ रहा है। पिछले दशक में छह करोड़ पर्यटकों का आना तो बस शुरुआत है। हमारा पांच साल का टूरिज्म मास्टर प्लान ग्रामीण पर्यटन को गति देगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करेगा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देगा। अभी तो सबसे अच्छी चीजें आनी बाकी हैं।”

पर्यटन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत असम के पर्यटन इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसमें कम चर्चित पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने, पर्यटन सुविधाओं में सुधार करने और पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर पर रहेगा फोकस

राज्य सरकार देश और विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए असम की प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीवों, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों को प्रमुखता से बढ़ावा दे रही है। इसके जरिए राज्य की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीण पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण पर्यटन में निवेश बढ़ने से राज्य के पर्यटन विकल्पों में विविधता आएगी। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

टिकाऊ विकास पर सरकार का जोर

हाल के वर्षों में असम सरकार ने कनेक्टिविटी में सुधार, पर्यटक सुविधाओं के उन्नयन और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने जैसे कई कदम उठाए हैं। नया पांच साल का रोडमैप बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण के बीच संतुलन बनाते हुए पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने पर केंद्रित होगा। (इनपुट: आईएएनएस)