भारत में ऑटो बिक्री 18.2% बढ़कर 83.88 लाख यूनिट, सभी प्रमुख सेगमेंट की रिकॉर्ड बिक्री: SIAM

भारत में जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान प्रमुख वाहन श्रेणियों की घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 18.2 प्रतिशत बढ़कर 83.88 लाख यूनिट पर पहुंच गई। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल, सभी प्रमुख सेगमेंट ने अब तक की सबसे ज्यादा दूसरी तिमाही की बिक्री दर्ज की।

SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 30.7 प्रतिशत बढ़कर 13.61 लाख यूनिट रही। वहीं, टू-व्हीलर की बिक्री 15.2 प्रतिशत बढ़कर 64.33 लाख यूनिट पर पहुंच गई। थ्री-व्हीलर की बिक्री में 23.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 2.85 लाख यूनिट रही। इसी तरह, कमर्शियल व्हीकल की बिक्री 28.7 प्रतिशत बढ़कर 3.09 लाख यूनिट हो गई।

SIAM के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों ने दूसरी तिमाही की अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की।

GST 2.0 और मांग में मजबूती से मिला सहारा

SIAM ने बिक्री में बढ़ोतरी के पीछे GST 2.0 के बाद वाहनों की बेहतर अफोर्डेबिलिटी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मजबूत मांग, माल ढुलाई में तेजी, इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित आर्थिक गतिविधियों और पुराने वाहनों को बदलने की बढ़ती जरूरत को प्रमुख कारण बताया।

पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में यूटिलिटी व्हीकल की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। इनका कुल बिक्री में 68 प्रतिशत योगदान था। तिमाही के दौरान यूटिलिटी व्हीकल की बिक्री सालाना आधार पर 34.2 प्रतिशत बढ़ी, जबकि पैसेंजर कार की बिक्री में 24.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

टू-व्हीलर सेगमेंट में स्कूटर की मांग ने बेहतर प्रदर्शन किया। स्कूटर की बिक्री 27.7 प्रतिशत बढ़ी, जबकि मोटरसाइकिल की बिक्री में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल के निर्यात में तेजी

निर्यात के मोर्चे पर भी कई वाहन श्रेणियों ने मजबूत प्रदर्शन किया। दूसरी तिमाही में टू-व्हीलर का निर्यात 27.7 प्रतिशत बढ़कर 16.5 लाख यूनिट पर पहुंच गया। यह किसी भी दूसरी तिमाही का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

थ्री-व्हीलर के निर्यात में 30.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 1.6 लाख यूनिट रहा। वहीं, कमर्शियल व्हीकल का निर्यात 72.5 प्रतिशत बढ़कर 41,000 यूनिट से अधिक हो गया।

हालांकि, पैसेंजर व्हीकल का निर्यात 5.2 प्रतिशत घटकर 2.29 लाख यूनिट रह गया। SIAM के मुताबिक, इसकी प्रमुख वजह पिछले साल का ऊंचा आधार और पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी लॉजिस्टिक्स संबंधी बाधाएं रहीं।

फेस्टिव सीजन से दूसरी छमाही में ग्रोथ की उम्मीद

SIAM को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में भी ऑटो इंडस्ट्री की ग्रोथ सकारात्मक बनी रहेगी। त्योहारों का सीजन, नए वाहनों की लॉन्चिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, फ्लीट रिप्लेसमेंट और लास्ट-माइल मोबिलिटी की मांग से बिक्री को समर्थन मिलने की संभावना है।

SIAM के अध्यक्ष शेनु अग्रवाल ने कहा कि इंडस्ट्री आगे भी तेजी बनाए रखने के लिए फेस्टिव सीजन से उम्मीद कर रही है, हालांकि भू-आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सतर्कता बरतना जरूरी है।

उद्योग संगठन ने चेतावनी दी कि महंगाई में बढ़ोतरी, ब्याज दरों में संभावित वृद्धि और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं वाहन मांग को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, पिछले साल के ऊंचे आधार के कारण आगे ग्रोथ की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है।