प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता आधारित मोबिलिटी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया गया। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सेवा की शुरुआत की। इस अवसर पर सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि, अधिकारी और भारत टैक्सी से जुड़े सारथी भी मौजूद रहे।
सहकारिता मॉडल पर आधारित होगी सेवा
भारत टैक्सी टैक्सी चालकों को केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी संस्था का सदस्य, मालिक और शेयरधारक बनाकर संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य बिचौलिया-केंद्रित व्यवस्था की जगह सारथी-केंद्रित परिवहन प्रणाली विकसित करना है, जिससे चालकों को संस्था के लाभ में भी हिस्सेदारी मिले।
महाराष्ट्र में रोजगार के नए अवसर
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि महाराष्ट्र में भारत टैक्सी की शुरुआत सहकारिता आंदोलन के नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इस पहल से राज्य के युवाओं, महिलाओं और स्थानीय भूमिपुत्रों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से “सहकार के सारथी” और “समृद्ध महाराष्ट्र के भागीदार” बनने का आह्वान किया।
सहकारिता क्षेत्र को मिली नई गति
मुरलीधर मोहोल ने कहा कि 2021 में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद सहकारी आंदोलन को नई दिशा और गति मिली है। पिछले पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 152 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति, दो लाख नई बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की स्थापना का लक्ष्य और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने जैसे कदम शामिल हैं। अब तक करीब 40 हजार नई सहकारी समितियां गठित की जा चुकी हैं।
सहकारी संस्थाओं का बढ़ा दायरा
उन्होंने बताया कि लगभग 3,000 करोड़ रुपए की लागत से PACS का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है और उन्हें 25 से अधिक आर्थिक गतिविधियां संचालित करने के योग्य बनाया जा रहा है। देशभर में करीब 39 हजार सहकारी समितियां प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र और लगभग 54 हजार PACS कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा सहकारी संस्थाएं पेट्रोल पंप, जन औषधि केंद्र, भंडारण और अन्य ग्रामीण सेवाओं से भी जुड़ रही हैं।
महाराष्ट्र में सहकारिता को बढ़ावा
मुरलीधर मोहोल ने कहा कि महाराष्ट्र में एनसीडीसी के माध्यम से सहकारी चीनी मिलों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। राज्य में इथेनॉल, कंप्रेस्ड बायोगैस, सहकारी आवास और टिश्यू कल्चर जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, सहकारिता के माध्यम से टिश्यू कल्चर के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य बना है।
यात्रियों और चालकों दोनों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं ने यात्रा को आसान बनाया, लेकिन सर्ज प्राइसिंग, छिपे शुल्क और एग्रीगेटर कमीशन जैसी समस्याएं भी सामने आईं। भारत टैक्सी इन चुनौतियों का सहकारिता आधारित समाधान है। इसमें सर्ज प्राइसिंग और छिपे शुल्क नहीं होंगे तथा निर्धारित सेवा शुल्क के आधार पर संचालन किया जाएगा। इससे यात्रियों को पारदर्शी किराए पर सुरक्षित और विश्वसनीय सेवा मिलेगी, जबकि सारथियों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिलेगा।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वर्गीय दि. बा. पाटील सहकारी वाहतूक संघ के साथ हुए समझौते के तहत नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास रहने वाले लगभग तीन से चार हजार स्थानीय भूमिपुत्रों को ऋण सुविधा के माध्यम से टैक्सी उपलब्ध कराने और उन्हें भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।
राज्यभर में होगा विस्तार
कार्यक्रम के दौरान भारत टैक्सी से जुड़े सारथियों को शेयर प्रमाणपत्र और सेवा किट भी वितरित की गईं। सरकार के अनुसार, आने वाले समय में महाराष्ट्र की सहकारी संस्थाओं, परिवहन संगठनों और स्थानीय निकायों के सहयोग से इस सेवा का चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में विस्तार किया जाएगा। (इनपुट: पीआईबी)


