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आंध्र प्रदेश में भारतनेट परियोजना को मिली रफ्तार, 2,432 करोड़ रुपए की सहायता मंजूर

आंध्र प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दूरसंचार विभाग (डीओटी) के तहत डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) ने राज्य में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता नई दिल्ली स्थित संचार भवन में राज्य-नेतृत्व मॉडल के तहत संपन्न हुआ।

पांच संस्थाओं के बीच हुआ समझौता

आंध्र प्रदेश में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम लागू करने के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), आंध्र प्रदेश सरकार, आंध्र प्रदेश भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एपीबीआईएल), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और आंध्र प्रदेश स्टेट फाइबरनेट लिमिटेड (एपीएसएफएल) के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

समारोह में डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्याममल मिश्रा, दूरसंचार विभाग के महानिदेशक आनंद खरे, एपीबीआईएल की सीईओ गीतांजलि शर्मा, बीएसएनएल के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) पापा सुधाकर राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

13,426 ग्राम पंचायतों को मिलेगा लाभ

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत आंध्र प्रदेश में कुल 13,426 ग्राम पंचायतों को कवर किया जाएगा। इसमें प्रथम चरण की 1,692 ग्राम पंचायतों को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण की 11,254 ग्राम पंचायतों को कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 480 नवगठित ग्राम पंचायतों को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है।

साथ ही अंतिम-छोर तक डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 3,942 गांवों को मांग आधारित कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

केंद्र सरकार ने मंजूर किए 2,432 करोड़ रुपए

भारत सरकार ने इस परियोजना के लिए 2,432 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। इस पहल के तहत पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक फाइबर कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और नागरिक सेवाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

डिजिटल समावेशन को मिलेगा बढ़ावा

समझौते को ग्रामीण डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और समावेशी डिजिटल विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार ने इसे डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में अहम कदम बताया है।

2023 में मिली थी संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को उन्नत, सुदृढ़ और विस्तारित करना है, ताकि सभी ग्राम पंचायतों और गांवों तक भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जा सके।

डिजिटल भारत निधि का उद्देश्य

डिजिटल भारत निधि, जिसे पहले यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) कहा जाता था, का उद्देश्य ग्रामीण, दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का संबद्ध कार्यालय है।

डीबीएन के तहत भारतनेट, 4जी संतृप्ति परियोजना, आकांक्षी जिलों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, हिमालयी और सीमावर्ती इलाकों सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। (इनपुट: पीआईबी)