राष्ट्रीय भाषा AI प्लेटफॉर्म BHASHINI अब नियम आधारित सिस्टम से आगे बढ़कर AI-पावर्ड भाषा इंजन बन चुका है, जो देश के सभी नागरिकों को भाषा से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य सम्पूर्ण सामाजिक समावेशन को मजबूत करना है।
आईटी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन ने वाधवानी AI के सहयोग से ‘BHASHINI समुदाये: स्ट्रेंथनिंग इंडिया’s लैंग्वेज AI इकोसिस्टम’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मकसद भारत के भाषा AI इकोसिस्टम को मजबूत करना और सार्वजनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सहभागिता को बढ़ावा देना था।
BHASHINI के CEO अमिताभ नाग ने कहा कि समुदाये एक ऐसा जीवंत इकोसिस्टम है, जहां डेटा क्रिएटर्स, ट्रांसलेटर्स, डेवलपर्स, यूजर्स और सरकार मिलकर भाषा तकनीक का विकास कर रहे हैं।
जेएनयू के प्रोफेसर गिरिश नाथ झा ने कहा कि BHASHINI भारत की भाषाई विविधता को दर्शाने वाले सटीक और समुदाय आधारित AI सिस्टम बनाने का बेहतरीन उदाहरण है।
कार्यक्रम में सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, सिविल सोसाइटी और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने मिलकर राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NLTM) के तहत भाषा AI को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
BHASHINI अब देश की 22 अनुसूचित भाषाओं के साथ-साथ अन्य स्थानीय बोलियों और भाषाओं में भी वाक्य, संवाद और बातचीत स्तर पर अनुवाद सेवाएं दे रहा है।
इसके साथ ही BHASHINI ने Gates Foundation के सहयोग से DOST पहल भी शुरू की है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले डेटा सेट्स को BHASHINI और AI Kosh में जोड़ा जाएगा।


