मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से उत्साहित बिहार की महिलाएँ, कहा– आत्मनिर्भर बनने का मिला अवसर

बिहार में शुक्रवार को महिलाओं ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत पर ख़ुशी और उम्मीद जताई। राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में शुरू की गई इस पहल के तहत महिलाओं को अपना व्यवसाय या स्वरोज़गार शुरू करने के लिए सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है। शुरुआत में लाभार्थियों को 10,000 रुपये की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रदान की गई है।

पटना की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है। पिंकी कुमारी ने बताया कि वह इस पैसे से फोटोकॉपी का काम शुरू करेंगी और यह उनके लिए नए अवसर खोलेगा। सुषमा नामक महिला ने कहा कि पहले वह सिलाई करती थीं लेकिन पैसों की कमी से काम रुक जाता था, अब इस राशि से उन्होंने लेस और साड़ी फॉल बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया है। तारा देवी ने कहा कि यह सहायता उन्हें स्वतंत्र बना रही है और इससे उनके बच्चों का भविष्य भी बेहतर होगा। वहीं अंजू कुमारी ने कहा कि दिवाली से पहले मिली यह मदद उन्हें अपने त्योहार के खर्चों के लिए पति पर निर्भर नहीं रहने देगी।

इस योजना के तहत एक पात्र परिवार की एक महिला को सहायता दी जाएगी। शुरुआत में 10,000 रुपये दिए गए हैं, जबकि आगे चलकर 2 लाख रुपये तक की सहायता भी मिलेगी। इसमें कृषि, पशुपालन, सिलाई, बुनाई, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा गया है और उत्पादों की बिक्री के लिए ग्रामीण हाट-बाज़ार विकसित किए जाएंगे।

राज्यभर में इस योजना का जश्न मनाया जा रहा है और सरकार का दावा है कि एक करोड़ से अधिक महिलाएँ इससे लाभान्वित होंगी।

-(इनपुट: आईएएनएस)