ममता सरकार पर भाजपा नेता का हमला: छात्रसंघ चुनाव और छात्र सुरक्षा पर उठाए सवाल

भाजपा नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित न करने और लंबे समय से रुके छात्रसंघ चुनावों को लेकर कड़ी आलोचना की है।

आईएएनएस से बात करते हुए घोष ने कहा, “ममता बनर्जी के शासन में छात्रों की आवाज़ सुनी ही नहीं जा रही। कॉलेजों से लेकर स्कूलों तक घटनाएं हो रही हैं, लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न हो रहा है। इसमें टीचर्स और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य तक शामिल हैं। अब बच्चों को स्कूल और कॉलेज भेजना माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन गया है। ममता सरकार चुप है और पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही।”

राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ चुनाव बीते छह साल से स्थगित हैं। ये चुनाव कोविड-19 महामारी शुरू होने से पहले ही रोक दिए गए थे। इस दौरान जादवपुर यूनिवर्सिटी समेत कई छात्र संगठनों ने लोकतांत्रिक चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। लेकिन अभी तक चुनाव की आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है।

हाल ही में कसबा लॉ कॉलेज गैंगरेप मामले के बाद छात्रों और अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है। इसी घटना के बाद चुनावों की मांग फिर से तेज हो गई है।

दिलीप घोष ने राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर ममता सरकार पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी के विधायक जनता से डरते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान वे विदेश चले जाते हैं जहां उनकी संपत्तियां हैं। राज्य में इतनी घटनाएं हो रही हैं लेकिन टीएमसी नेता न तो शिक्षकों के विरोध में दिखते हैं और न ही जनता के गुस्से के समय।”

इधर, शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने हाल ही में संकेत दिया कि आने वाले त्योहारी सीजन के बाद छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। उन्होंने यह बात तृणमूल छात्र परिषद के एक कार्यक्रम में कही।

उधर, राज्य सरकार महिलाओं से जुड़े अपराधों पर भी सवालों के घेरे में है। कसबा गैंगरेप मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। विपक्षी नेताओं ने भी न्याय और जवाबदेही की मांग तेज कर दी है।

-(इनपुट : आईएएनएस)