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BRICS Summit 2026: दिल्ली हवाईअड्डा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की क्षमता बढ़ाएगा

दिल्ली हवाईअड्डे के संचालक ‘दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड’ (डायल) ने इस सप्ताह होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान बढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आवागमन को सुचारू रूप से संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें टर्मिनल-3 की क्षमता बढ़ाना भी शामिल है।

एक सूत्र के अनुसार, हवाईअड्डे पर ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए विशेष आव्रजन काउंटर बनाए जाएंगे। इसके अलावा, विमानों के उतरने और पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है क्योंकि सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित होगा।

‘डायल’ ने तैयारियों के संबंध में बताया कि टर्मिनल-3 (टी3) का पियर-सी, नौ सितंबर की रात से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। साथ ही, संबंधित हितधारकों के साथ बेहतर समन्वय के लिए व्यवस्था भी मजबूत की गई है।

दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने एक बयान में कहा, ‘‘पियर-सी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आगमन की सुविधा प्रदान करेगा। 10 सितंबर की शाम से अंतरराष्ट्रीय आगमन और प्रस्थान, दोनों को यहां से संचालित करने की योजना है।’’ पियर-सी के पूरी तरह परिचालन में आने के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की हवाईअड्डे की वार्षिक क्षमता 50 प्रतिशत बढ़कर 3.1 करोड़ यात्री प्रति वर्ष हो जाएगी।

आमतौर पर हवाईअड्डे पर पियर मुख्य टर्मिनल भवन से जुड़ी एक लंबी और संकरी संरचना या स्थानांतरण सुविधा होती है, जहां से यात्री एयरोब्रिज के जरिए विमान में प्रवेश कर सकते हैं। राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा प्रतिदिन 1,300 से अधिक उड़ानों की आवाजाही संभालता है।

शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बारे में ‘डायल’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप पाणिकर ने कहा कि अपेक्षित अंतरराष्ट्रीय यातायात में वृद्धि को कुशलता से संभालने और सुरक्षा, रक्षा तथा यात्रियों के अनुभव के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए सभी सुरक्षा और परिचालन हितधारकों के साथ मिलकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। (इनपुट-पीटीआई-भाषा)