संसद के बजट सत्र 2025 ने एक नया रिकॉर्ड बनाया, जहां राज्यसभा में 17 घंटे से अधिक समय तक चर्चा चली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। इस सत्र को ऐतिहासिक और बेहद उत्पादक बताते हुए उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों, स्पीकर, अध्यक्ष और सभी राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया।
रिजिजू ने बताया कि राज्यसभा में 17 घंटे 2 मिनट तक चर्चा हुई, जो संसदीय इतिहास में सबसे लंबी बहस रही। यह बहस 3 अप्रैल को सुबह 11 बजे शुरू हुई और 4 अप्रैल को तड़के 4:02 बजे समाप्त हुई। इससे पहले, 1981 में 15 घंटे 51 मिनट की सबसे लंबी चर्चा हुई थी। इस बार खास बात यह रही कि पूरी बहस बिना किसी व्यवधान के चली। रिजिजू ने इसे लोकतंत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
लोकसभा में भी इस सत्र के दौरान 13 घंटे से अधिक समय तक महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें रेलवे, ऊर्जा, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़ी अनुदान मांगों पर विचार-विमर्श हुआ। वहीं, राज्यसभा में शिक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और गृह मंत्रालय के कार्यों पर बहस हुई।
रिजिजू ने कहा कि इस सत्र में सभी दलों के नेताओं ने नियमों और परंपराओं का पालन करते हुए चर्चा की। इस दौरान सरकार की आलोचना भी हुई, लेकिन सभी मुद्दों पर स्वस्थ बहस हुई और कोई व्यवधान नहीं आया। उन्होंने संसद को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों और मंत्रियों का धन्यवाद किया।
रिजिजू ने कहा, “यह सत्र हमारे लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है। सरकार सभी सुझावों और आलोचनाओं का स्वागत करती है और बेहतर कार्यप्रणाली के लिए तत्पर है।” लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति ने भी इस सत्र की सराहना की है।
बजट सत्र 2025 ने संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। इस सत्र की सफलता को लेकर रिजिजू ने कहा कि इसे तोड़ना आसान नहीं होगा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों का जवाब भी दिया और कहा कि सरकार खुली चर्चा और संवाद के लिए हमेशा तैयार है।-(With Input IANS)