बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता, पालघर में माउंटेन टनल-6 का ब्रेकथ्रू पूरा

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की माउंटेन टनल-6 का ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस उपलब्धि का अवलोकन किया। यह सुरंग महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहाणू रोड क्षेत्र में स्थित है।

508 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर

इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है, जो महाराष्ट्र और गुजरात के बीच तेज, सुरक्षित और आरामदायक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। परियोजना के तहत अब तक बड़े स्तर पर निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।

वायाडक्ट और पियर्स का व्यापक निर्माण

कुल 508 किलोमीटर रूट में से 334 किलोमीटर वायाडक्ट और 417 किलोमीटर पियर्स का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा 17 नदी पुल, 5 पीएससी पुल और 13 स्टील पुल भी बनकर तैयार हो गए हैं।

नॉइज बैरियर्स और ट्रैक बेड का काम

247 किलोमीटर लंबे रूट पर 4.9 लाख से अधिक नॉइज बैरियर्स लगाए जा चुके हैं। ट्रैक निर्माण की बात करें तो 308 ट्रैक किलोमीटर, यानी 154 रूट किलोमीटर आरसी ट्रैक बेड तैयार किया जा चुका है।

ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम में प्रगति

मुख्य मार्ग पर लगभग 125 रूट किलोमीटर क्षेत्र में 5,400 से ज्यादा ओवरहेड इलेक्ट्रिक मास्ट लगाए जा चुके हैं, जिससे इलेक्ट्रिफिकेशन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

महाराष्ट्र की पर्वतीय सुरंगों में तेजी

महाराष्ट्र में प्रस्तावित सात पर्वतीय सुरंगों में से पहली माउंटेन टनल का ब्रेकथ्रू पूरा हो गया है। वहीं आठ में से दो सुरंगों का उत्खनन कार्य भी समाप्त हो चुका है। बीकेसी और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग में 5 किलोमीटर एनएटीएम टनल का उत्खनन पूरा कर लिया गया है।

स्टेशनों और डिपो का निर्माण जारी

सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो का निर्माण कार्य प्रगति पर है। गुजरात के सभी स्टेशनों का सुपरस्ट्रक्चर लगभग पूरा हो चुका है। महाराष्ट्र में तीन एलिवेटेड स्टेशनों पर काम चल रहा है, जबकि मुंबई के भूमिगत स्टेशन पर स्लैब कास्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

सफर होगा तेज और आरामदायक

परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा बेहद आसान और समय बचाने वाली हो जाएगी। आने वाले वर्षों में यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दोनों राज्यों की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा और यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। (इनपुट: आईएएनएस)