केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मंगलवार को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) से भारत में विकसित दूरसंचार तकनीकों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि C-DOT को शोध और विकास से आगे बढ़कर ऐसी तकनीक और उत्पाद तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए, जो व्यावसायिक रूप से सफल हो सकें।
C-DOT के 43वें स्थापना दिवस के अवसर पर सिंधिया ने कहा कि भारत को 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में अपनी क्षमता मजबूत करनी होगी। इसके लिए ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है जो सस्ती, भरोसेमंद, बड़े स्तर पर इस्तेमाल के योग्य और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो।
उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद बनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे उत्पाद तैयार करना होना चाहिए जो भारत में बनें और पूरी दुनिया के लिए उपयोगी हों।
सिंधिया ने कहा कि C-DOT का ध्यान केवल घरेलू जरूरतों के लिए तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। संगठन को ऐसे उत्पाद बनाने चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी प्रतिस्पर्धा कर सकें।
उन्होंने कहा कि भारत ने 4G के क्षेत्र में दुनिया से पीछे रहने की स्थिति से आगे बढ़कर 5G में वैश्विक विकास के साथ कदम मिलाया है और अब देश 6G में नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।
सिंधिया ने C-DOT की स्वदेशी 4G तकनीक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो अपनी 4G तकनीक विकसित करने में सक्षम हैं। यह तकनीक देशभर में करीब 1 लाख टावरों पर तैनात की जा चुकी है और लाखों ग्राहकों को सेवा दे रही है।
मंत्री ने C-DOT के इंजीनियरों की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि संगठन को इसी सफलता के आधार पर अपनी 5G क्षमताओं को और मजबूत करना चाहिए तथा 6G मानकों के विकास में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भविष्य के दूरसंचार नेटवर्क केवल कनेक्टिविटी देने वाले नेटवर्क नहीं होंगे, बल्कि उन्हें सुरक्षित, भरोसेमंद, मजबूत और स्मार्ट होना होगा।
सिंधिया ने बताया कि C-DOT में करीब 1,565 कर्मचारी हैं और इनमें आधे से ज्यादा की उम्र 40 वर्ष से कम है। उन्होंने कहा कि युवा कार्यबल अगली पीढ़ी की तकनीकों में भारत की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में C-DOT को साहस, नए प्रयोग, जिम्मेदारी और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ना होगा।
-(इनपुटः IANS)


