सी वी रमन की वैज्ञानिक विरासत आज भी प्रेरणा का स्रोत

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक सी वी रमन की 55वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि रमन एक ऐसे महान वैज्ञानिक थे जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया को नई दिशा दी।

प्रसिद्ध भौतिकविद् सर चंद्रशेखर वेंकट रमन का निधन 21 नवम्बर 1970 को बेंगलुरु में हुआ था। प्रकाश के प्रकीर्णन पर उनके शोध के दौरान खोजे गए रमन प्रभाव ने प्रकाश के व्यवहार की वैज्ञानिक समझ में महत्वपूर्ण बदलाव लाया। यह खोज कोलकाता स्थित इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साइंस की प्रयोगशाला में की गई थी।

इस उपलब्धि के लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला, जिससे वे किसी भी विज्ञान श्रेणी में नोबेल पाने वाले पहले एशियाई बने।

जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “भारत रत्न सर सी वी रमन को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनकी खोज रमन प्रभाव ने वैश्विक विज्ञान को नई दिशा दी और भारत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।”

वैज्ञानिक संस्थानों, जिनमें सीएसआईआर-नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस कम्युनिकेशन एंड पॉलिसी रिसर्च (CSIR-NIScPR) शामिल है, ने भी रमन को याद करते हुए कहा कि उनकी जिज्ञासा, शोध और विज्ञान के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

सरकार हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाती है, जो रमन प्रभाव की खोज के उपलक्ष्य में समर्पित है।

RELATED ARTICLES

8 mins ago | Arunachal Pradesh

दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में एआई और तकनीक की भूमिका अहम: उपराष्ट्रपति

ईटानगर में दिव्यांग बच्चों के लिए बने डोनी-पोलो मिशन स्कूल का दौरा करने पहुंचे उपराष्ट्रपति सी...

1 hour ago | Ashwini Vaishnaw

रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने दिल्ली मंडल में सुरक्षा और संचालन की समीक्षा की, तकनीक पर जोर

रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने दिल्ली मंडल के नियंत्रण कार्यालय का दौरा कर रेल सुर...