बिहार सरकार ने आज मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए नई “मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना” को मंजूरी दी है। यह योजना समाज कल्याण विभाग की “सम्बल” योजना के तहत शुरू होगी और उद्योग विभाग की मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना की तर्ज पर चलाई जाएगी। इस योजना का मकसद दिव्यांगजन को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करना है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके संचालन के लिए 10.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 26 एजेंडों पर मुहर लगी। इनमें सबसे अहम फैसला बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 को मंजूरी देना रहा। इसके साथ ही सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत डीलर कमीशन में बढ़ोतरी का भी फैसला लिया। पहले यह दर 90 रुपये प्रति क्विंटल थी (45 रुपये केन्द्रांश और 45 रुपये राज्यांश), लेकिन अब इसे सितंबर 2025 से बढ़ाकर 258.40 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया जाएगा। इसमें 90 रुपये केन्द्र और राज्यांश से तथा 47 रुपये अतिरिक्त राज्य योजना से जोड़े जाएंगे।
बैठक में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही, बिहार में नए अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर हवाई संपर्क बढ़ाने की नीति को भी मंजूरी मिली। किसानों से जुड़े फैसले में, राज्य सरकार ने किसान सलाहकारों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब किसान सलाहकारों को पहले की तरह 13,000 रुपये नहीं बल्कि 21,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह संशोधित दर 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी। इसके लिए सरकार ने 67.87 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने की स्वीकृति दी है।
बैठक में लिए गए इन फैसलों को सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक विकास, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।-(IANS)


