पश्चिम एशिया संकट के बीच MSME और एयरलाइंस को राहत देने के लिए कैबिनेट ने ईसीएलजीएस 5.0 को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम का उद्देश्य वेस्ट एशिया संकट से प्रभावित कारोबारों को वित्तीय मदद देना है। इस स्कीम के नए चरण के तहत सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड के जरिए बैंकों द्वारा दिए जाने वाले लोन पर ज्यादा गारंटी कवर देगी।

एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत गारंटी कवर मिलेगा

इस योजना में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) के लिए 100 प्रतिशत गारंटी कवर मिलेगा, जबकि गैर-एमएसएमई और एयरलाइन सेक्टर के लिए 90 प्रतिशत गारंटी दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि बैंक और वित्तीय संस्थाएं बिना डिफॉल्ट के डर के ज्यादा लोन दे सकें और कारोबार को जरूरी फंड मिल सके। वहीं ईसीएलजीएस 5.0 के तहत पात्र उधारकर्ता वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के दौरान अपने पीक वर्किंग कैपिटल उपयोग का 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त लोन ले सकेंगे। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपए तय की गई है।

एयरलाइन सेक्टर के लिए यह सीमा काफी ज्यादा रखी गई है। योग्य एयरलाइंस को 100 प्रतिशत तक लोन मिल सकता है, जिसकी अधिकतम सीमा 1,500 करोड़ रुपए प्रति उधारकर्ता होगी, बशर्ते वे तय शर्तों को पूरा करें। इस स्कीम की खास बात यह है कि इसमें कोई गारंटी फीस नहीं ली जाएगी, जिससे उधार लेने वालों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

एमएसएमई और अन्य कारोबारों के लिए लोन की अवधि 5 साल होगी

लोन चुकाने की अवधि को भी आसान बनाया गया है। एमएसएमई और अन्य कारोबारों के लिए लोन की अवधि 5 साल होगी, जिसमें पहले 1 साल तक मूलधन (प्रिंसिपल) चुकाने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, एयरलाइंस के लिए लोन की अवधि 7 साल तय की गई है, जिसमें 2 साल का मोरेटोरियम (राहत अवधि) दिया जाएगा। इस दौरान केवल ब्याज देना होगा और मूलधन बाद में चुकाना होगा। यह स्कीम एनसीजीटीसी द्वारा गाइडलाइन जारी होने की तारीख से लेकर 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।

लिक्विडिटी की समस्या से जूझ रहे कारोबारों को बड़ी राहत मिलेगी

इसका लाभ वही उधारकर्ता ले सकेंगे जिनके पास 31 मार्च 2026 तक पहले से वर्किंग कैपिटल या अन्य लोन सुविधाएं मौजूद हैं और जिनका खाता ‘स्टैंडर्ड’ कैटेगरी में है। सरकार को उम्मीद है कि ईसीएलजीएस 5.0 स्कीम से मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते पैदा हुई नकदी (लिक्विडिटी) की समस्या से जूझ रहे कारोबारों को बड़ी राहत मिलेगी। (इनपुट-आईएएनएस)