आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA) के सहयोग से AMRUT योजना के अंतर्गत शैलो एक्विफर मैनेजमेंट (SAM) कार्यक्रम लागू कर रहे 75 शहरों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहरों ने भूजल संरक्षण और वर्षा जल संचयन से जुड़े अपने अनुभव, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।
SAM कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक योजना और तकनीकी सहयोग के माध्यम से शहरों में भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) को बढ़ावा देना है। इसके तहत 75 शहरों में रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, चेक डैम, गैबियन वॉल, सर्कुलर खाल और मॉड्यूलर रिचार्ज पिट जैसी संरचनाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि वर्षा जल का बेहतर उपयोग हो, भूजल स्तर में सुधार आए और शहर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का बेहतर सामना कर सकें।
बैठक की अध्यक्षता आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव डी. थारा ने की, जबकि संयुक्त सचिव ईशा कालिया ने इसका संचालन किया। इसमें 75 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान कई शहरों ने कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम साझा किए। कोरबा ने SAM परियोजना की सफलता के बाद 95 अतिरिक्त बंद पड़े बोरवेलों को पुनर्जीवित करने की योजना की जानकारी दी।
विजयनगरम ने भूजल स्तर में सुधार की सूचना दी, जबकि नागपुर ने मौजूदा मानसून के दौरान 100 नई भूजल रिचार्ज संरचनाएं बनाने का लक्ष्य घोषित किया।
वहीं भुवनेश्वर ने बताया कि SAM परियोजनाओं से न केवल भूजल पुनर्भरण में वृद्धि हुई है, बल्कि वर्षा जल के बेहतर अवशोषण के कारण शहरी जलभराव (Urban Flooding) की समस्या को कम करने में भी मदद मिली है।
भूजल विशेषज्ञों ने इन परियोजनाओं की दीर्घकालिक सफलता के लिए जनभागीदारी और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने कहा कि वह AMRUT योजना के तहत वैज्ञानिक, प्रकृति-आधारित और सामुदायिक भागीदारी वाले उपायों के माध्यम से भूजल प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत जल-सुरक्षित और जलवायु-अनुकूल शहरों के निर्माण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इनपुटः PIB


