केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर ‘डार्क पैटर्न’ (भ्रामक डिज़ाइन प्रथाओं) का इस्तेमाल करने के मामले में स्पाइसजेट लिमिटेड पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने कहा कि कंपनी की ये प्रथाएं उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के नियम 4(9) और डार्क पैटर्न्स की रोकथाम एवं विनियमन संबंधी दिशानिर्देश, 2023 का उल्लंघन हैं।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
सीसीपीए की अध्यक्ष मुख्य आयुक्त स्मति निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अगुवाई में हुई जांच में पाया गया कि स्पाइसजेट अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर पहले से टिक किए गए चेकबॉक्स के जरिए उपभोक्ताओं को स्वतः ‘स्पाइसक्लब’ लॉयल्टी प्रोग्राम में नामांकित कर रही थी। इसके अलावा, प्रमोशनल संदेश प्राप्त करने के लिए भी उपभोक्ताओं की सहमति पहले से चयनित विकल्प के आधार पर मान ली जाती थी।
नोटिस के बाद भी जारी रही प्रथा
प्राधिकरण ने कहा कि नोटिस जारी होने के बाद भी कंपनी ने पुराने तरीके में बदलाव कर टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सऐप और ईमेल के लिए एक अन्य पहले से टिक किए गए चेकबॉक्स का इस्तेमाल जारी रखा। इससे वही प्रथा अलग स्वरूप में जारी रही। कंपनी ने इसे तकनीकी त्रुटि बताया, जिसके बाद सीसीपीए ने आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने और भविष्य में उनका पालन सुनिश्चित करने का आस्थागत पत्र (अंडरटेकिंग) मांगा।
तीन तरह के डार्क पैटर्न की पहचान
सीसीपीए ने स्पाइसजेट के प्लेटफॉर्म पर तीन प्रकार के डार्क पैटर्न की पहचान की। इनमें पहले से टिक किए गए चेकबॉक्स के जरिए उपभोक्ताओं का स्वतः नामांकन ‘मजबूर कार्रवाई (Forced Action)’, कंपनी के पक्ष में डिफ़ॉल्ट विकल्प प्रस्तुत करना ‘इंटरफेस हस्तक्षेप (Interface Interference)’ और भ्रमित करने वाली सहमति भाषा का इस्तेमाल ‘छलपूर्ण प्रश्न (Trick Question)’ के दायरे में पाया गया।
उपभोक्ता की स्वतंत्र सहमति जरूरी
प्राधिकरण ने कहा कि ऐसी प्रथाएं उपभोक्ताओं की स्वायत्तता और सूचित निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता की सहमति हमेशा स्पष्ट, सूचित और स्वतंत्र रूप से दी गई होनी चाहिए। पहले से टिक किए गए चेकबॉक्स, डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स या भ्रामक इंटरफेस डिज़ाइन के जरिए प्राप्त सहमति वैध नहीं मानी जाएगी और यह कानून के प्रावधानों के विपरीत है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए सख्त संदेश
सीसीपीए ने कहा कि वह उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म निष्पक्ष, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित तरीके से कारोबार करें। (इनपुट-पीआईबी)


