केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने अपनी नियमित निगरानी गतिविधि के तहत अगस्त 2025 के लिए मानक से कम गुणवत्ता (NSQ) और नकली दवाओं की सूची जारी की है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, केंद्रीय औषध प्रयोगशालाओं ने 32 दवा नमूनों को मानक से कम गुणवत्ता वाला पाया है, जबकि राज्य औषध परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 62 दवा नमूनों को NSQ घोषित किया है। इन नमूनों को गुणवत्ता मानकों में असफल पाए जाने के आधार पर चिह्नित किया गया है।
यह ध्यान देने योग्य है कि किसी दवा नमूने की असफलता केवल उसी बैच तक सीमित होती है और इसका असर बाजार में उपलब्ध अन्य दवा उत्पादों पर नहीं पड़ता है। इसके अलावा, अगस्त 2025 में बिहार से लिए गए 3 दवा नमूनों को नकली (Spurious Drugs) के रूप में पहचाना गया है। ये दवाएं बिना अनुमति के ऐसे निर्माताओं द्वारा बनाई गई थीं, जिन्होंने किसी अन्य कंपनी के ब्रांड नाम का अवैध रूप से इस्तेमाल किया था। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और संबंधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं CDSCO ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई राज्य औषध नियंत्रकों के सहयोग से नियमित रूप से की जाती है, ताकि बाजार में उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके और मरीजों तक केवल सुरक्षित और प्रभावी दवाएं ही पहुंचें।
-(लेखक नितेंद्र सिंह वरिष्ठ जर्नलिस्ट हैं, वर्तमान में ये डीडी न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं)


