केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए प्रतिबद्ध : हर्ष मल्होत्रा

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने गुरुवार को दिल्ली के यशोभूमि में भारत के वाहन विद्युतीकरण रोडमैप पर भारत ऊर्जा भंडारण सप्ताह 2025 सत्र का उद्घाटन किया। मल्होत्रा ​​ने इस बात पर प्रकाश डाला कि केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए प्रतिबद्ध है और भारत स्वच्छ गतिशीलता समाधानों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने की दहलीज पर खड़ा है। उन्होंने हितधारकों से एक ऐसा परिवहन भविष्य बनाने का आग्रह किया जो न केवल इलेक्ट्रिक हो, बल्कि सुरक्षित, समावेशी और पर्यावरण के लिए भी जिम्मेदार हो।

मल्होत्रा ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव महज एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने, आर्थिक लचीलापन और ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक राष्ट्रीय अनिवार्यता है।

उन्होंने बताया कि मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, जिन्हें सड़क, रेल और वेयरहाउसिंग को एकीकृत करते हुए सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित किया जा रहा है। अब ये हरित ऊर्जा प्रावधानों और ईवी-अनुकूल सुविधाओं से सुसज्जित किए जा रहे हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, उत्सर्जन कम होगा और स्वच्छ एवं कनेक्टेड परिवहन केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि देश में हरित गतिशीलता और ईवी विनिर्माण इकोसिस्टम के विकास को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता और पीएम ई ड्राइव और फेम-II योजनाओं की शुरुआत इसका प्रमाण है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्वच्छ परिवहन यात्रा के अपने मिशन पर अग्रसर है। इसके अलावा, ईवी रेट्रोफिटिंग नियमन और ईवी के लिए टोल टैक्स छूट जैसी नीतियों का उद्देश्य परिवहन को और अधिक सुलभ और टिकाऊ बनाना है।