केंद्र सरकार ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE), स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) प्लेटफॉर्म से जोड़ने और उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बीते शुक्रवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। जितिन प्रसाद ने बताया कि GeM पर प्रत्यक्ष खरीद प्रक्रिया में एमएसएमई, स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों द्वारा अपलोड किए गए उत्पादों को अलग से पहचानने के लिए मार्केटप्लेस फिल्टर और प्रोडक्ट कैटलॉग आइकन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, मूल उपकरण निर्माताओं (OEMs) के लिए विक्रेता मूल्यांकन शुल्क में भी कमी की गई है।
सरकार ने महिलाओं, स्टार्टअप्स, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों, बुनकरों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), और ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी पहलों को प्रोत्साहित करने के लिए आठ ‘वोकल फॉर लोकल’ GeM आउटलेट स्टोर बनाए हैं। साथ ही, GeM पोर्टल पर दो-चरणीय सेलर ऑटो रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिसमें ‘उद्यम’ एमएसएमई डेटा को एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) के माध्यम से जोड़ा गया है।
राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार लघु उद्योग भारती, फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (FLO), स्व-नियोजित महिला संघ जैसी प्रमुख संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) के जरिए रणनीतिक सहयोग स्थापित कर रही है। इसके अलावा, उद्योग प्रदर्शनियों, ट्रेड फेयर, रोड शो और अन्य आयोजनों में भागीदारी बढ़ाकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
वहीं सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए उनके लिए भी GeM पर विशेष फिल्टर की व्यवस्था कर रही है, जिससे सरकारी खरीदारों को एमएसई ऑर्डर, 2012 की सार्वजनिक खरीद नीतियों का पालन करने में सुविधा हो रही है। अब तक 10 लाख से अधिक MSE GeM पोर्टल से जुड़ चुके हैं और वित्त वर्ष 2024-25 में इस पोर्टल पर कुल लेनदेन मूल्य लगभग ₹5.40 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। GeM प्लेटफॉर्म अब अत्याधुनिक सेवाओं जैसे ड्रोन-एज-ए-सर्विस, GIS समाधान, बीमा, चार्टर्ड उड़ानों की वेट लीजिंग और सीटी स्कैनर जैसी जटिल स्वास्थ्य सेवाओं को भी सक्षम बना रहा है। GeM को अब देश के सभी 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपना चुके हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। -(IANS)


