केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत 7,712 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसकी जानकारी आईटी सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को दी।
इस दौर में सरकार को कुल 249 आवेदन मिले थे, जिनमें से 17 को मंजूरी दी गई है। खास बात यह है कि इस बार पहली बार जम्मू-कश्मीर से भी एक निवेश प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है।
अन्य मंजूर प्रस्ताव उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से हैं।
इन 17 कंपनियों में से दस बड़े निवेश शामिल हैं। इनमें Aequs Consumer Products प्राइवेट लिमिटेड ने 1,500 करोड़ रुपये निवेश करने का वादा किया है, जिसकी अनुमानित उत्पादन क्षमता 7,669 करोड़ रुपये की होगी।
इसके अलावा जिन कंपनियों के प्रस्ताव मंजूर हुए हैं, उनमें Secure Circuits, TE Connectivity India (612 करोड़), Jabil Circuit (957 करोड़), Zetfab, Zetchem (55 करोड़), Micropack (54 करोड़), Asux Safety Components, Uno Minda (264 करोड़), AT&S India, HI-Q, Infopower Technologies, Syrma Mobility (250 करोड़) और जम्मू-कश्मीर की Meena Electrotech (111 करोड़) शामिल हैं।
कृष्णन ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन को मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि दुनिया भर की कंपनियां सप्लाई चेन को विविध बनाने की कोशिश कर रही हैं और भारत इस दिशा में एक मजबूत विकल्प बन रहा है।
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की दीर्घकालिक सफलता के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया—मजबूत डिजाइन टीमें बनाना, सभी उत्पादों में ‘सिक्स सिग्मा’ क्वालिटी हासिल करना और वैश्विक स्तर के भारतीय सप्लायर्स तैयार करना।
उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए एक विशेष स्किलिंग फ्रेमवर्क भी शुरू करेगी, ताकि बढ़ती उद्योग जरूरतों को पूरा किया जा सके।
-(इनपुटःएजेंसी)


