केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग की अनुदान राशि के तहत केरल के ग्रामीण स्थानीय निकायों को 260.20 करोड़ की राशि जारी की है। यह राशि अविनिर्दिष्ट अनुदानों की पहली किस्त के रूप में दी गई है।
इस अनुदान से केरल राज्य की सभी 14 जिला पंचायतें, 152 ब्लॉक पंचायतें और 9,414 ग्राम पंचायतें लाभान्वित होंगी। केंद्र सरकार द्वारा जारी यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक होगी।
पंद्रहवें वित्त आयोग के अंतर्गत ग्रामीण स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के लिए अनुदानों की सिफारिश पंचायती राज मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा की जाती है। इसके बाद वित्त मंत्रालय एक वित्तीय वर्ष के दौरान इन अनुदानों को दो किस्तों में जारी करता है।
अविनिर्दिष्ट अनुदानों का उपयोग ग्रामीण स्थानीय निकाय संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों से जुड़ी क्षेत्रीय और स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, इस राशि का उपयोग वेतन और अन्य स्थापना व्यय पर नहीं किया जा सकता है। इसका उद्देश्य स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को बढ़ावा देना है।
वहीं, विनिर्दिष्ट अनुदान बुनियादी सेवाओं से संबंधित कार्यों के लिए निर्धारित होते हैं। इनमें स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त स्थिति को बनाए रखना, घरेलू कचरे, मानव अपशिष्ट और मल कीचड़ का प्रबंधन एवं उपचार शामिल है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण जैसे कार्य भी इन अनुदानों के अंतर्गत आते हैं।
केंद्र सरकार का यह कदम ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
(इनपुट- PIB)


