सर्वाइकल कैंसर से हर दो मिनट में जाती है एक महिला की जान: UN

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने सोमवार को बताया कि दुनियाभर में हर दो मिनट में एक महिला की मौत सर्वाइकल कैंसर से होती है — जबकि यह बीमारी रोकथाम योग्य और इलाज योग्य है। यह जानकारी पहली बार मनाए जा रहे विश्व सर्वाइकल कैंसर समाप्ति दिवस पर साझा की गई।

इस दिन (17 नवंबर) को वर्ल्ड हेल्थ असेंबली ने इसलिए निर्धारित किया है ताकि लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके और HPV वैक्सीन, बेहतर स्क्रीनिंग और इलाज तक पहुंच बढ़ाई जा सके।

UN ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,

“हर दो मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर से मरती है। स्क्रीनिंग, वैक्सीनेशन और इलाज ही इस बीमारी को समाप्त कर सकते हैं।”

WHO ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर रोका जा सकता है। HPV वैक्सीन के साथ-साथ नियमित स्क्रीनिंग और प्री-कैंसर घावों का समय पर इलाज महिलाओं को इस बीमारी से बचाता है।

WHO के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है। साल 2022 में दुनिया भर में 6.6 लाख नए मामले सामने आए और 3.5 लाख महिलाओं की मौत हुई। इनमें से 10 में 9 मौतें गरीब देशों में होती हैं, जहां वैक्सीनेशन और स्क्रीनिंग की सुविधाएं कम हैं।

सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण HPV वायरस का लगातार संक्रमण है। HIV संक्रमित महिलाएं इस कैंसर के जोखिम में छह गुना अधिक होती हैं।

चिकित्सकों का कहना है कि अगर समय पर पता चल जाए और इलाज जल्दी शुरू हो जाए, तो सर्वाइकल कैंसर पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। HPV वैक्सीन और स्क्रीनिंग इस बीमारी को रोकने का बेहद प्रभावी और किफायती तरीका है।

इस वर्ष की थीम है — “Act Now: Eliminate Cervical Cancer”

इसके तहत वर्ष 2030 तक 90-70-90 लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया है:

  • 15 वर्ष की उम्र तक 90% लड़कियों का HPV टीकाकरण

  • 35 और 45 वर्ष की उम्र में 70% महिलाओं की उच्चस्तरीय स्क्रीनिंग

  • 90% मरीजों का समय पर इलाज

WHO ने कहा, “अगर हम अभी मिलकर कदम उठाएँ, तो इस बीमारी को खत्म करना संभव है — हर लड़की को HPV वैक्सीन मिले और हर महिला को स्क्रीनिंग व इलाज तक पहुँच मिले।”

-(इनपुटःएजेंसी)