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खनन प्रक्रियाओं को सरल बनाने को तैयार कोयला मंत्रालय, पोर्टल पर लॉन्च करेगा एक्सप्लोरेशन मॉड्यूल

केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोल एक्सप्लोरेशन वैल्यू चेन के एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण को प्राप्त करने की दिशा में कोयला मंत्रालय सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम वेब पोर्टल पर एक्सप्लोरेशन मॉड्यूल लॉन्च करने के लिए तैयार है। केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी द्वारा सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) के माध्यम से 4 जुलाई को लॉन्च किए जाने वाले इस मॉड्यूल से अलॉटी को उनके एक्सप्लोरेशन प्रपोजल ऑनलाइन सबमिट करने की सुविधा मिलेगी, जिसे फिर मंत्रालय द्वारा इंटीग्रेटेड सिस्टम के माध्यम से प्रोसेस और अप्रूव किया जाएगा।

मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह प्रत्येक चरण के लिए स्ट्रक्चर्ड टाइमलाइन्स बनाए रखते हुए एक्सप्लोरेशन डेटा की प्रोसेसिंग और अप्रूवल में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है

यह मॉड्यूल भूवैज्ञानिक रिपोर्ट की स्वीकृति सहित कोयले की खोज की पूरी प्रक्रिया को कवर करता है, जिसमें एक्सप्लोरेशन स्कीम की जांच करना, समय-समय पर प्रोग्रेस अपडेट प्रस्तुत करना, टिप्पणियों के सभी संचार के साथ भूवैज्ञानिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना और अनुमोदन करना, अनुपालन अपलोड करना और फाइनल अप्रूवल सभी सिंगल डिजिटल इंटरफेस में होगा। मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह प्रत्येक चरण के लिए स्ट्रक्चर्ड टाइमलाइन्स बनाए रखते हुए एक्सप्लोरेशन डेटा की प्रोसेसिंग और अप्रूवल में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। आधिकारिक बयान में कहा गया है, “रियल टाइम ट्रैकिंग के साथ, ऑटोमेटेड डिजिटल डॉक्युमेंट मैनेजमेंट और इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड के साथ, यह मॉड्यूल एक्सप्लोरेशन प्रपोजल की प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक समय को काफी कम करने के लिए तैयार है।”

एक्सप्लोरेशन मॉड्यूल की शुरुआत भारत के कोयला क्षेत्र में उत्पादकता, डेटा पारदर्शिता और अप्रूवल की गति को बढ़ाने में एक परिवर्तनकारी कदम होगा, जो राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट लक्ष्यों में योगदान देगा

सीएमपीडीआईएल के सहयोग से विकसित, मॉड्यूल ई-गवर्नेंस और तकनीकी सत्यापन में सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाता है। यह कोल रिसोर्स असेसमेंट की निगरानी को सक्षम करेगा और मंत्रालय के कोयला ब्लॉक आवंटन में सुधार पेश करेगा। इस प्रकार एक्सप्लोरेशन मॉड्यूल की शुरुआत भारत के कोयला क्षेत्र में उत्पादकता, डेटा पारदर्शिता और अप्रूवल की गति को बढ़ाने में एक परिवर्तनकारी कदम होगा, जो राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट लक्ष्यों में योगदान देगा।

11 जनवरी, 2021 को लॉन्च किया गया एसडब्ल्यूसीएस एक अग्रणी पहल है, जिसका उद्देश्य देश भर में कोयला खदानों के संचालन और कोयला उत्पादन को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक मंजूरी और अप्रूवल प्राप्त करने के लिए एक इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करना है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और डिजिटल रूप से सशक्त इकोसिस्टम के दृष्टिकोण के अनुरूप, कोयला मंत्रालय सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम (एसडब्ल्यूसीएस) की क्षमताओं का विस्तार कर अपनी डिजिटल परिवर्तन यात्रा जारी रखता है।11 जनवरी, 2021 को लॉन्च किया गया एसडब्ल्यूसीएस एक अग्रणी पहल है, जिसका उद्देश्य देश भर में कोयला खदानों के संचालन और कोयला उत्पादन को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक मंजूरी और अप्रूवल प्राप्त करने के लिए एक इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करना है।(इनपुट-आईएएनएस)