सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित सामाजिक न्याय मंत्रालय के मनन कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत ‘स्वच्छता’ विषय पर त्वरित भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य स्वच्छता और हाइजीन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित करना था।
वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने दैनिक जीवन में स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वच्छता की संस्कृति विकसित करने और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पर जोर दिया।
स्वच्छता और सैनिटेशन पर चर्चा का मंच
त्वरित भाषण प्रतियोगिता ने अधिकारियों को स्वच्छता से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने और स्वच्छता एवं सैनिटेशन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत पर चर्चा करने का मंच प्रदान किया। वक्ताओं ने स्वच्छता को केवल व्यक्तिगत आदत तक सीमित न रखते हुए सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्वच्छता, गरिमा और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
यह पहल ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत विभाग की विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य अधिकारियों और संबंधित हितधारकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा स्वच्छता, गरिमा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। अभियान के जरिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ में अधिकारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और सक्रिय जुड़ाव की सराहना के साथ हुआ। प्रतियोगिता के माध्यम से स्वच्छता और हाइजीन को लेकर जागरूकता बढ़ाने तथा दैनिक जीवन में स्वच्छता संबंधी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने का संदेश दिया गया। (इनपुट: पीआईबी)


