भारत की जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने कनाडा की हेइडी क्वैच को 2-1 से हराया। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
रोमांचक मुकाबले में दर्ज की यादगार जीत
अस्मिता डे ने फाइनल में शानदार संयम और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले में उन्होंने अंतिम चरण में धैर्य बनाए रखते हुए कनाडाई खिलाड़ी हेइडी क्वैच को 2-1 से मात दी। उनकी इस जीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जूडो की बढ़ती ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अस्मिता डे को बधाई देते हुए कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 48 किग्रा जूडो वर्ग में उनका स्वर्ण पदक उनकी प्रतिबद्धता, कड़े प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि अस्मिता भविष्य में भी भारत का नाम रोशन करती रहेंगी।
जूडो में भारत को दो और स्वर्ण की उम्मीद
जूडो में भारत के लिए दो और स्वर्ण पदकों की उम्मीद बरकरार है। पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में हर्ष सिंह ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराकर फाइनल में जगह बनाई। स्वर्ण पदक मुकाबले में उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज से होगा।
यामिनी मौर्या भी फाइनल में पहुंचीं
महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में यामिनी मौर्या ने दक्षिण अफ्रीका की डोने ब्रेयटेनबैक को इप्पोन से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अब स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना इंग्लैंड की एसेलिया टोपराक से होगा। (इनपुट: आईएएनएस)


