सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे, देशभर में सप्ताहभर चलेंगे ‘सहकार से समृद्धि’ समारोह

सहकारिता मंत्रालय ने अपनी स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में सप्ताहभर चलने वाले समारोहों की शुरुआत की है। 29 जून से 6 जुलाई, 2026 तक आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मंत्रालय की उपलब्धियों, पहलों और भविष्य की कार्ययोजना को जन-जन तक पहुंचाना है। समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आयोजित किए जा रहे हैं।

देशभर में होगी सहकारी संस्थाओं की भागीदारी

समारोहों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, राष्ट्रीय महासंघों, राज्य सहकारिता विभागों, सहकारी बैंकों, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी), शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) तथा स्थानीय सहकारी संस्थाओं की भागीदारी होगी। राष्ट्रीय, राज्य, जिला, शहरी और ग्राम स्तर पर विभिन्न थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

हर दिन अलग विषय पर होंगे कार्यक्रम

सप्ताहभर के कार्यक्रमों के लिए दिनवार विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें पैक्स का रूपांतरण, डिजिटल सहकारिता, वित्तीय साक्षरता, किसान कल्याण, डेयरी एवं मत्स्य सहकारिता, अन्न भंडारण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और तकनीक आधारित सेवाएं, सहकार संवाद, जन-जागरूकता, हरित विकास, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी तथा सहकारी संस्थाओं की सफलता की कहानियों का प्रसार शामिल है।

जागरूकता शिविर से लेकर डिजिटल सेवाओं तक रहेगा फोकस

इन विषयों के तहत सहकारी शपथ समारोह, जागरूकता शिविर, सहकारी चौपाल, सामान्य निकाय बैठकें, पैक्स सदस्यता अभियान, सहकारी योजनाओं का प्रचार, ईआरपी और ई-पैक्स प्रदर्शन, डिजिटल भुगतान जागरूकता, केसीसी और डीबीटी शिविर, किसानों के लिए आउटरीच कार्यक्रम, सहकारी उत्पाद प्रदर्शनियां, युवा प्रतियोगिताएं, सेमिनार, पैनल चर्चा, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण तथा उत्कृष्ट सहकारी संस्थाओं और सदस्यों का सम्मान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

किसानों और तकनीक पर विशेष जोर

समारोहों के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), फसल ऋण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद, बीज वितरण, अन्न भंडारण योजनाओं और आधुनिक कृषि पद्धतियों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही डेयरी और मत्स्य सहकारिता को बढ़ावा देने के अलावा एआई टूल्स, ड्रोन, फिनटेक, माइक्रो-एटीएम, रुपे केसीसी कार्ड और अन्य डिजिटल सेवाओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

युवा और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

मंत्रालय के अनुसार समारोहों के दौरान कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आउटरीच कार्यक्रम, युवा प्रतियोगिताएं, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के अभियान तथा लाभार्थियों के अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। हरित सहकारिता के तहत वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जलवायु अनुकूल कृषि को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

6 जुलाई को भारत मंडपम में होगा समापन

सप्ताहभर चलने वाले इन समारोहों का समापन 6 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के साथ होगा। इसमें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। समापन समारोह में नीति संवाद, पोर्टल लॉन्च, सहकारी प्रदर्शनी, सहकारी उत्पादों का प्रदर्शन तथा पूरे सहकारी तंत्र की भागीदारी होगी। मंत्रालय के अनुसार इन समारोहों से सहकारी आंदोलन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी और इसे आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-संचालित तथा जन-केंद्रित विकास मॉडल के रूप में नई गति मिलेगी। (इनपुट: पीआईबी)