08/04/26 | 4:40 pm | HPCL | HRRL

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राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर 79,459 करोड़

केंद्र सरकार ने राजस्थान के बाड़मेर (बालोतरा) जिले के पचपदरा में बन रही एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) परियोजना की लागत बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट समिति ने इस परियोजना की लागत 43,129 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी है।

इस परियोजना में Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) अतिरिक्त 8,962 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके बाद HPCL का कुल निवेश बढ़कर 19,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।

यह रिफाइनरी एक बड़ा और आधुनिक प्रोजेक्ट है, जिसमें पेट्रोलियम के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी बनाए जाएंगे। इसमें हर साल:

  • 1 मिलियन टन पेट्रोल
  • 4 मिलियन टन डीजल
  • 1 मिलियन टन पॉलीप्रोपाइलीन
  • 0.5 मिलियन टन LLDPE
  • 0.5 मिलियन टन HDPE
  • 0.4 मिलियन टन बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडीन

जैसे महत्वपूर्ण उत्पाद तैयार होंगे, जो ट्रांसपोर्ट, फार्मा, पेंट और पैकेजिंग उद्योग के लिए जरूरी हैं।

सरकार का कहना है कि इस परियोजना से देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी और पेट्रोकेमिकल्स के आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

यह प्रोजेक्ट 1 जुलाई 2026 तक चालू होने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा, इस परियोजना से करीब 25,000 लोगों को रोजगार मिला है, खासकर निर्माण कार्य के दौरान।

यह रिफाइनरी 9 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली ग्रीनफील्ड परियोजना है और इसे HPCL Rajasthan Refinery Limited द्वारा बनाया जा रहा है। इसमें HPCL की 74% और राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी है।

सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगा बल्कि पिछड़े क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगा।