भारतीय वेटलिफ्टर्स ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 8 पदक जीते, जिनमें 1 गोल्ड, 6 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल रहा। भारतीय दल के स्वदेश लौटने पर केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
गोल्ड विजेताओं को 30 लाख रुपए का पुरस्कार
केंद्रीय मंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार उपलब्धियों के लिए गोल्ड मेडल विजेताओं को 30 लाख रुपए, सिल्वर मेडल विजेताओं को 20 लाख रुपए और ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं को 10 लाख रुपए के नकद पुरस्कार प्रदान किए।
मांडविया ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सराहा
वेटलिफ्टर्स को बधाई देते हुए मांडविया ने कहा कि पूरे देश ने उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि संसद में भी हर बार खिलाड़ियों के पदक जीतने पर घोषणाएं की गईं और इन उपलब्धियों ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया।
कोचों की भूमिका को बताया सबसे अहम
मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोचों की भी जमकर सराहना की। उन्होंने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता विजय शर्मा समेत कोचिंग टीम के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक एथलीट के सफर में गुरु की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि चैंपियन तैयार करने में कोच के योगदान से बड़ी कोई चीज नहीं है।
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू ने लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर बनकर इतिहास रचा। वहीं, ऋषिकांत सिंह और वल्लुरी अजय बाबू ने स्नैच में नए कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाए। ज्ञानेश्वरी यादव और हरजिंदर कौर समेत कई वेटलिफ्टर्स ने अपना पर्सनल-बेस्ट प्रदर्शन किया।
छह वेटलिफ्टर्स खेलो इंडिया एथलीट
इन खेलों में हिस्सा लेने वाले 11 भारतीय वेटलिफ्टर्स में से छह ‘खेलो इंडिया एथलीट’ रहे। पदक विजेताओं में ज्ञानेश्वरी यादव खेलो इंडिया एथलीट हैं, जबकि बिंद्यारानी देवी, हरजिंदर कौर और अन्य खिलाड़ी पटियाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) में ट्रेनिंग करते हैं। यह सेंटर भारत के ग्रासरूट और एलीट एथलीट डेवलपमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्कूल-कॉलेजों में जाकर युवाओं को प्रेरित करने की अपील
खेल मंत्री ने एथलीट्स से खेल के एम्बेसडर बनने की अपील की। उन्होंने वेटलिफ्टर्स से स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। मांडविया ने कहा कि खिलाड़ियों की कहानियां हजारों बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
एशियन गेम्स 2026 पर भी हुई चर्चा
मांडविया ने वेटलिफ्टर्स से उनके संघर्ष, पोडियम तक पहुंचने के सफर और भविष्य की प्रतियोगिताओं, खासकर एशियन गेम्स 2026 के लिए उनकी तैयारियों और उम्मीदों पर बातचीत की। जो खिलाड़ी पोडियम तक पहुंचने से मामूली अंतर से चूक गए, उन्हें उन्होंने हिम्मत नहीं हारने की सलाह दी।
‘एक खिलाड़ी कभी असल में हारता नहीं है’
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि एक खिलाड़ी कभी असल में हारता नहीं है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ियों में लगातार बेहतर होते रहने का जुनून बना रहे। मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद और 140 करोड़ भारतीयों का समर्थन हमेशा खिलाड़ियों के साथ है।
भारतीय खिलाड़ियों की क्षमता पर सरकार को भरोसा
भारतीय खेलों के लिए सरकार की दीर्घकालिक सोच पर जोर देते हुए मांडविया ने कहा कि देश ने खिलाड़ियों पर निवेश किया है क्योंकि उसे उनकी क्षमता पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि भारतीय एथलीटों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का मुकाबला करने में सक्षम बनाने के लिए हर संभव सुविधा तैयार की जा रही है। (इनपुट: आईएएनएस)


