राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बसे गांवों में, जहां सड़कें विकास की गाथा लिखती हैं, वहीं बेटियों की शिक्षा अक्सर दुर्गम रास्तों और दूरी की चुनौतियों से जूझती है। लेकिन इस बाधा को अवसर में बदलने का बीड़ा उठाया नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने, जिसने वैश्विक अवसंरचना दिग्गज ROADIS के साथ हाथ मिलाया। उनका साझा उद्देश्य स्पष्ट था- गतिशीलता की समस्या दूर कर लड़कियों के लिए शिक्षा की पहुंच को मजबूत करना और उन्हें सशक्त बनाना।
तीन राज्यों की मेधावी बेटियों को सौगात
दिसंबर 2025 में इस संयुक्त पहल ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात—तीन राज्यों के दस स्कूलों की लगभग 80 मेधावी छात्राओं के जीवन में नई उम्मीद जगाई। वाराणसी, सूरत और अजमेर में फैले तीन प्रमुख परियोजना स्थलों पर विशेष साइकिल दान अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान उन छात्राओं की सहायता के लिए था जो दूर-दराज़ स्थित स्कूलों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करती थीं, जिसके कारण उनकी शिक्षा अक्सर बाधित हो जाती थी।
साइकिल मिलने के बाद इन बेटियों की आंखों में आत्मविश्वास की चमक साफ दिखाई दे रही थी, क्योंकि यह केवल एक वाहन नहीं, बल्कि नियमित शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
विकास का मानवीय चेहरा
वाराणसी में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में प्रशासन और प्राधिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर एक उच्च पदाधिकारी ने इस पहल की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि नागरिकों, विशेषकर युवा लड़कियों, के लिए सुरक्षित और सुलभ गतिशीलता सुनिश्चित करना NHAI की सामुदायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता का केंद्र है। उन्होंने सराहा कि यह पहल सीधे तौर पर गतिशीलता की बाधाओं को दूर कर छात्राओं को सशक्त बनाती है, जिससे वे बिना डर और रुकावट के अपनी पढ़ाई जारी रख सकती हैं।
ROADIS में भारत एसबीयू के प्रमुख ने अपनी कंपनी के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल उत्कृष्ट अवसंरचना बनाना नहीं है, बल्कि अपने परिचालन क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों के साथ मिलकर आगे बढ़ना भी है। उन्होंने बताया कि साइकिल दान की यह पहल उनकी सुरक्षित गतिशीलता सुनिश्चित करने और युवा लड़कियों की शैक्षिक आकांक्षाओं का समर्थन करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने NHAI का आभार व्यक्त किया, जिसकी साझेदारी ने इस तरह की ज़मीनी और स्थायी प्रभाव डालने वाली पहल संभव बनाई।
एक बड़े उद्देश्य का विस्तार: शिक्षान्त्रा प्लस
यह दान अभियान ROADIS के व्यापक सामाजिक कार्यक्रम ‘शिक्षान्त्रा प्लस’ का एक महत्वपूर्ण विस्तार है, जो पहले से ही भारत के 10 स्कूलों में संचालित हो रहा है। यह कार्यक्रम केवल भौतिक दान तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शैक्षिक बुनियादी ढांचे के उन्नयन, डिजिटल लर्निंग, सीखने के परिणामों में सुधार और छात्रों को समान अवसर प्रदान करने जैसे समग्र विकास पर केंद्रित है।
इस साझेदारी के माध्यम से NHAI और ROADIS ने यह साबित किया है कि विकास केवल कंक्रीट और तारकोल की सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उन गांवों और समुदायों के जीवन को छूता है जो इन सड़कों के किनारे बसते हैं। इन 80 साइकिलों के साथ अब अनगिनत लड़कियां समय पर स्कूल पहुंचकर अपने सपनों को नई गति देने के लिए तैयार हैं- यह कहानी है सड़कों के किनारे विकसित होते एक सशक्त और शिक्षित भारत की।


