तमिलनाडु में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ से मौसम प्रभावित, ट्रेन सेवाओं पर भी दिखा असर

चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के असर से तमिलनाडु के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों में चेंगलपट्टू, चेन्नई, कांचीपुरम, कन्याकुमारी, रानीपेट, तेनकासी, तिरुवल्लुर, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, तिरुप्पूर, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर, विलुप्पुरम और विरुदुनगर जिलों के कुछ इलाकों में हल्की आंधी, बिजली चमकने के साथ मध्यम बारिश होने की चेतावनी दी है।

तूफान के कारण रेलवे भी बरत रहा एहतियात

इस तूफान के कारण रेलवे ने भी एहतियात बरते हैं। खास तौर पर, ट्रेन नंबर 18189 टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस, जो आज सुबह 5 बजे टाटानगर से रवाना हुई थी, को डायवर्ट कर दिया गया है। अब यह ट्रेन टिटलागढ़, लखोली, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, नागभीड़, बल्हारशाह, बेल्लमपल्ली, रामागुंडम, वारंगल, खम्मम और विजयवाड़ा होकर चलेगी।

मूल रूट पर तूफान का असर ज्यादा होने की आशंका

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मूल रूट पर तूफान का असर ज्यादा होने की आशंका है, इसलिए वैकल्पिक रास्ते से ट्रेन चलाई जा रही है। इससे यात्रा में कुछ देरी हो सकती है, लेकिन सुरक्षा सबसे पहले है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे स्टेशन पर पहुंचकर या हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी लें। अन्य ट्रेन सेवाओं में भी बदलाव किया गया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

मौसम विभाग लगातार कर रहा निगरानी

वहीं, मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। अगर तूफान और तेज हुआ तो और जिलों में अलर्ट जारी किया जा सकता है। स्थानीय प्रशासन ने राहत टीमों को तैयार रखा है।

लोगों को दी गई सलाह

लोगों से सलाह दी गई है कि वे घरों में रहें, जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें और खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न खड़े हों। बिजली गिरने का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए सावधानी बरतें। सड़कों पर पानी भर सकता है, जिससे ट्रैफिक जाम हो सकता है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। यात्रियों और आम लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। बारिश के दौरान बिजली के उपकरणों से दूर रहें और आपातकाल में 1077 या 112 पर कॉल करें।

चक्रवात मोंथा को लेकर तैयारियां

वहीं, तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून के तेज होने के साथ ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने बारिश से जुड़ी चुनौतियों और बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। निचले और जल्दी बाढ़ की चपेट में आने वाले इलाकों के निवासियों को तत्काल सहायता देने के लिए शहर में अब तक 215 राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं।

प्रत्येक केंद्र में भोजन, स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। भोजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 106 केंद्रीय रसोई का नेटवर्क तैयार किया गया है। इनके माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों के चार लाख से अधिक निवासियों को दिन में तीन बार भोजन वितरित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 574 विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 408 सामान्य स्वास्थ्य शिविर और 116 मोबाइल शिविर शामिल हैं। इनसे 24,146 लाभार्थी प्रभावित हुए।

शिविरों में बुखार जांच, वेक्टर नियंत्रण जागरूकता और मानसून से जुड़ी बीमारियों के उपचार पर फोकस है। बुनियादी ढांचे की तैयारी में जलमग्न क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए 2,000 से अधिक मोटर पंप विभिन्न क्षमताओं के तैयार हैं। वहीं, तेज हवाओं और पेड़ गिरने की स्थिति में 457 प्रशिक्षित लोग तैनात किए गए हैं। शहर की 22 प्रमुख सड़क सुरंगों का 24 घंटे रखरखाव किया जा रहा है ताकि जलभराव न हो और यातायात सुचारू रहे।

बाढ़ रोकथाम और राहत कार्यों के लिए 22,000 कर्मी (इंजीनियर, सफाईकर्मी, फील्ड स्टाफ) तैनात हैं। चेन्नई मेट्रो वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के 2,149 फील्ड कर्मचारी नालों की रुकावट और सीवेज ओवरफ्लो से निपटने के लिए तैयार हैं। जीसीसी ने निवासियों से टोल-फ्री हेल्पलाइन 1913 पर बारिश से जुड़े नुकसान, बाढ़ या आपात स्थिति की तुरंत सूचना देने की अपील की है। सोशल मीडिया शिकायतों की भी सक्रिय निगरानी और कार्रवाई हो रही है।

आने वाले दिनों में और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए, जीसीसी के समन्वित प्रयास राहत, सार्वजनिक स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा नागरिकों की सुरक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं। (इनपुट-आईएएनएस)