बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवर्ती तूफान ‘रेमल’ रविवार रात पश्चिम बंगाल के समुद्र तटीय क्षेत्रों में लैंड फॉल कर गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस संबंध में आज सुबह बताया कि दक्षिण 24 परगना के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपूपाड़ा कोस्ट के बीच चक्रवात ने लैंडफॉल किया है। उस समय इसकी गति 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रही। इसके प्रभाव से रात भर तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश भी हुई है। 

इन इलाकों में हुई जमकर बारिश 

समुद्र तटीय जिलों उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली और कोलकाता में जमकर बारिश हुई है। यह सिलसिला आज दोपहर तक जारी रहने वाला है। विभाग ने आज भी भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। फिलहाल हवाई और रेल सेवाएं बंद हैं। 

बिना वजह घरों से बाहर नहीं निकलने की दी गई सलाह 

विभाग के मुताबिक उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और मेदिनीपुर, हावड़ा और हुगली में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होगी। इन जिलों में लोगों को बिना वजह घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया, पश्चिम बर्दवान और मुर्शिदाबाद में भी भारी बारिश का अलर्ट है। इसकी वजह से इन क्षेत्रों में चलने वाली लोकल ट्रेनों को लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। हावड़ा और सियालदह मंडल में रात 11:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक सभी लोकल ट्रेनें बंद रहीं। फिलहाल 6:00 बजे के बाद भी ट्रेनों का संचालन नहीं हो रहा है, क्योंकि कई जगह पटरियों पर पेड़ गिरे हुए हैं। कई लॉन्ग डिस्टेंस ट्रेनों को भी रद्द किया गया है।  

चक्रवात के लैंडफॉल से पहले एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

राज्य सरकार ने कहा है कि चक्रवात के लैंडफॉल से पहले ही एक लाख 17 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया गया था। राजधानी कोलकाता में एक व्यक्ति की मौत चक्रवात के समय बाहर रहने के दौरान सिर पर एक घर का छज्जा गिरने से हो गई है। राज्य के किसी दूसरे हिस्से से फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। राज्य अपना प्रबंधन विभाग का कहना है कि नुकसान कितना हुआ है इसका आकलन सोमवार दोपहर तक हो सकेगा। लोगों की सुविधाओं के लिए राज्य सचिवालय, राज्य पुलिस मुख्यालय, लाल बाजार और राज भवन कोलकाता में भी कंट्रोल रूम खोला गया है।

प्रधानमंत्री कर चुके चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा

बताना चाहेंगे इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित पर उत्तरी बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवात “रेमल” की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की।

इस बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति पश्चिम बंगाल सरकार के साथ नियमित संपर्क में है। सभी मछुआरों को दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में न जाने की सलाह दी गई है। करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आईएमडी नियमित अपडेट के साथ बांग्लादेश को सूचना सहायता भी प्रदान कर रहा है।

भारत सरकार ने राज्य सरकार को दिया पूरा समर्थन 

वहीं इस संबंध में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने राज्य सरकार को पूरा समर्थन दिया है और आगे भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय को स्थिति की निगरानी करनी चाहिए और बहाली के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए चक्रवात के पहुंचने के बाद समीक्षा करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने दिए ये निर्देश 

वहीं प्रधानमंत्री ने यह निर्देश भी दिया कि पश्चिम बंगाल में पहले से ही तैनात की गई 12 एनडीआरएफ टीमों और ओडिशा में एक टीम के अलावा, अधिक टीमों को स्टैंडबाय पर रखा जाए जो एक घंटे के भीतर आगे बढ़ सकें। भारतीय तटरक्षक किसी भी आपात स्थिति के लिए अपनी संपत्ति तैनात करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बंदरगाहों, रेलवे और राजमार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

इस बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक, आईएमडी के महानिदेशक और एनडीएमए के सदस्य सचिव भी उपस्थित थे। (इनपुट-हिंदुस्थान समाचार) 

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