असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी असम की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (डीआर) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से लागू होगी, जिसके बाद डीए और डीआर की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी।
आठ लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस फैसले से राज्य भर में आठ लाख से अधिक मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बढ़ी हुई राशि का भुगतान जुलाई से किया जाएगा, जिससे बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लिखा, “हमारे कर्मचारी और पेंशनभोगी असम की विकास यात्रा में अहम भागीदार हैं। उन्हें और सहायता देने के लिए असम कैबिनेट ने डीए और डीआर में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जिससे यह इस जुलाई से 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।”
महंगाई के प्रभाव को कम करने का प्रयास
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, डीए और डीआर में बढ़ोतरी का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के प्रभाव से बचाने तथा उनकी क्रय शक्ति बनाए रखने में मदद करना है। महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि पेंशनभोगियों को बढ़ती कीमतों की भरपाई के लिए महंगाई राहत प्रदान की जाती है।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय बोझ
अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, लेकिन इसके माध्यम से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलेगी। सरकारें समय-समय पर आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए डीए और डीआर की दरों में संशोधन करती हैं।
कर्मचारियों के कल्याण पर सरकार का जोर
हालिया बढ़ोतरी को असम सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों की कड़ी माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्ति संबंधी लाभों के समय पर भुगतान और कर्मचारी हितों को मजबूत करने के लिए कई पहल कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी राज्य के विकास तथा प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी उनके कल्याण और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी। (इनपुट: आईएएनएस)


