ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। औपचारिक वित्तीय संस्थानों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ₹11 लाख करोड़ से अधिक का ऋण वितरित किया गया है। बैंकिंग समुदाय के समर्थन से अर्जित यह ऐतिहासिक उपलब्धि, समावेशी विकास, महिला सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर वित्तीय सुदृढ़ता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
दरअसल, DAY-NRLM और लखपति दीदी योजना जैसे प्रयासों के माध्यम से स्वयं सहायता समूह आंदोलन ने लाखों महिलाओं को सशक्त बनाया है। 98% से अधिक उच्च पुनर्भुगतान दर (NPA) के साथ 11 लाख करोड़ रुपये का वितरण इस कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण है।
मिशन के अंतर्गत यह महत्वपूर्ण उपलब्धि बैंकिंग भागीदारों के बिना संभव नहीं थी। बैंकिंग सहभागिता मजबूत रही, जिसने स्वयं सहायता समूह आंदोलन को बल दिया और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
DAY-NRLM का मूल उद्देश्य ग्रामीण गरीब महिलाओं को मजबूत सामुदायिक संस्थाओं में संगठित कर उनके आजीविका आधार को सशक्त बनाना है। बिना कोलैटरल के ऋण, ब्याज सब्सिडी एवं अन्य वित्तीय सहायता की दिशा में काम करते हुए स्वयं सहायता समूह ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम का काम किया है। इस निरंतर क्रेडिट प्रवाह से ग्रामीण महिलाएं उद्यमशीलता की ओर अग्रसर हुई है।
इसके लिए मुख्य योगदान रहा बैंक और बैंक सखियों का। बैंको ने प्राथमिक क्षेत्र ऋण के तहत SHGs को ऋण एवं अन्य वित्तीय सेवाएं प्रदान की साथ ही SHG सदस्यों के लिए आसान ऋण प्राप्ति व प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया।
वहीं, बैंक सखियों ने लेन-देन, दस्तावेजीकरण व ऋण आवेदन में सहायता प्रदान करना, वित्तीय साक्षरता और बीमा, पेंशन जैसी योजनाओं की जानकारी देना, बैंक खातों के लिए आधार व मोबाइल सीडिंग में सहयोग तथा समय पर ऋण पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने हेतु समुदाय-आधारित वसूली तंत्र (Community Based Recovery Mechanism -CBRM) को मजबूत करने का कार्य किया।


