म्यांमार के 30 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर, द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने सोमवार को नई दिल्ली में म्यांमार की संसद के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. प्विंट सैन कर रहे हैं। बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

विदेश राज्य मंत्री ने म्यांमार के साथ भारत की बहुआयामी साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत की नीति Neighbourhood First, Act East और MAHASAGAR की प्राथमिकताओं के तहत दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

PRIDE में क्षमता निर्माण प्रशिक्षण के लिए आया प्रतिनिधिमंडल

म्यांमार का संसदीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में Parliamentary Research and Training Institute for Democracies (PRIDE) में क्षमता निर्माण प्रशिक्षण के लिए आया है। PRIDE, लोकसभा सचिवालय का प्रशिक्षण और शोध संस्थान है।

बैठक के बाद मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत और म्यांमार के बीच पुराने सभ्यतागत और लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाते हुए भारत बहुआयामी साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

30 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर

म्यांमार का सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल 30 सांसदों का है। इसमें छह राष्ट्रीय और नौ जातीय पार्टियों के सांसद शामिल हैं।

यह प्रतिनिधिमंडल 1 से 8 सितंबर 2026 तक भारत में है। यात्रा के दौरान PRIDE की ओर से क्षमता निर्माण प्रशिक्षण के अलावा दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण बैठकों का भी आयोजन किया जा रहा है।

म्यांमार दूतावास ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में देश की विभिन्न राजनीतिक और जातीय पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

15 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल

भारत में म्यांमार के राजदूत अभय ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल की विविध और युवा संरचना की सराहना की है। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में कई युवा और पहली बार सांसद बने सदस्य भी शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल में USDP, KSPP, NUP, SNDP, PP और PPP सहित कुल 15 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि हैं। इनमें नागा, पा-ओ, करेन, दानु, इन, अराकान, जोमी, वा और कयाह समुदायों से जुड़ी पार्टियां भी शामिल हैं।

राजदूत ठाकुर के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में भारत, चीन और थाईलैंड की सीमाओं से लगे म्यांमार के जातीय क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व भी है। उन्होंने कहा कि इतनी व्यापक भागीदारी भारत के साथ करीबी संबंध बनाए रखने पर म्यांमार की संसद में मौजूद सर्वदलीय सहमति को दर्शाती है।

नए संसद के गठन के बाद महत्वपूर्ण यात्रा

राजदूत ठाकुर ने कहा कि यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह म्यांमार में नई संसद के गठन के पहले वर्ष में हो रही है।

म्यांमार में दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हुए आम चुनावों के बाद नई संसद का गठन हुआ है। ठाकुर के मुताबिक, नई संसदीय संस्थाओं की स्थापना म्यांमार के राजनीतिक विकास में एक महत्वपूर्ण चरण है।

म्यांमार के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बाद प्रतिनिधिमंडल का दौरा

यह संसदीय प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की इस साल हुई भारत यात्रा के बाद हो रही है। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा थी।

भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से सभ्यतागत, सांस्कृतिक और लोगों के बीच मजबूत संबंध रहे हैं। दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा, विकास और कनेक्टिविटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं।

-(इनपुटः IANS)