दीपावली से पहले कारोबारियों को दिल्ली सरकार का तोहफा, 694 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड जारी

दीपावली से पहले दिल्ली सरकार ने राजधानी के कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार ने इस वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 694 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड जारी किया है, जो एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को तय समय सीमा में जीएसटी रिफंड देने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरित होकर ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है। सरकार बड़े बाजारों के पुनर्विकास की योजनाओं पर काम कर रही है और व्यापारियों की समस्याओं को हल करने के लिए दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि जब व्यापारियों को कारोबार चलाने में आसानी होगी, तभी विकसित दिल्ली का सपना पूरा होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकारों ने जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया था, जिससे लंबित रिफंड बढ़ते गए। लेकिन उनकी सरकार ने इसे प्राथमिकता दी और आईआईटी-हैदराबाद के सहयोग से एक उन्नत आईटी मॉड्यूल विकसित किया है। यह मॉड्यूल डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और तेज जांच प्रक्रिया पर आधारित है, जिससे रिफंड आवेदन तेजी से निपटाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वित्त वर्ष में अप्रैल से अब तक 7375 रिफंड आवेदनों का निपटारा कर 694 करोड़ रुपये की राशि व्यापारियों के खातों में जमा कर दी है। इसके साथ ही सितंबर माह में अकेले 227 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिफंड रिकॉर्ड है।

मुख्यमंत्री ने जीएसटी विभाग और कर अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर रिफंड से व्यापारिक संस्थाओं में विश्वास बढ़ता है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को तेजी से काम करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्विवादित और वास्तविक रिफंड आवेदनों का निपटारा जल्द किया जाए ताकि दीपावली तक अधिकतम कारोबारियों को रिफंड मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समयबद्ध रिफंड से व्यापारियों को पूंजी की उपलब्धता बढ़ेगी, मुकदमेबाजी का तनाव घटेगा और दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार व्यापारिक नियमों को सरल कर रही है और अनावश्यक बाधाओं को दूर कर रही है। -(IANS)