दिल्ली सरकार ने महंगाई से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम और जन-केंद्रित फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट ने एक योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत वर्ष 2026 से दिल्ली के सभी राशन कार्ड धारक परिवारों को हर साल दो एलपीजी सिलेंडरों की कीमत के बराबर वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सहायता होली और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के अवसर पर प्रदान की जाएगी।
लक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह कल्याण नीति का हिस्सा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना दिल्ली सरकार की लक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह कल्याण नीति का अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि तय की गई राशि परिवार के मुखिया के आधार से जुड़े बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी।
सभी राशन कार्ड धारकों को मिलेगा समान लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में सभी राशन कार्ड धारक परिवार इस योजना के दायरे में आएंगे। यह योजना उन परिवारों पर भी समान रूप से लागू होगी, जो खाना पकाने के लिए एलपीजी की जगह पीएनजी का उपयोग करते हैं। वित्तीय सहायता हर साल दो बार- होली और दीपावली पर दी जाएगी, भले ही उस महीने सिलेंडर रिफिल कराया गया हो या नहीं।
उज्ज्वला और गैर-उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए अलग राशि
फिलहाल दिल्ली में एक एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपए है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली 300 रुपए प्रति सिलेंडर सब्सिडी को एडजस्ट करने के बाद 553 रुपए प्रति सिलेंडर की वित्तीय सहायता दी जाएगी। वहीं, गैर-उज्ज्वला राशन कार्ड धारक परिवारों को 853 रुपए प्रति सिलेंडर की सहायता मिलेगी।
योजना पर सालाना 242.77 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान
इस योजना पर अनुमानित सालाना खर्च लगभग 242.77 करोड़ रुपए होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह खर्च एलपीजी कीमतों, केंद्र सरकार की सब्सिडी और लाभार्थियों की संख्या में बदलाव के अनुसार एडजस्ट किया जाएगा। योजना को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने स्पष्ट बजटीय प्रतिबद्धता भी सुनिश्चित की है।
त्योहारों में सम्मान और राहत देने की पहल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि त्योहारों के दौरान परिवारों को सम्मान और राहत देने का माध्यम भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिए देशभर की करोड़ों महिलाओं को स्वच्छ ईंधन, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन मिला है।
संकल्प पत्र का वादा, सुशासन का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह योजना भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र का हिस्सा थी और दिल्ली सरकार अपने सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि शासन की मंशा और प्रभावी क्रियान्वयन की क्षमता का प्रमाण है। यही सुशासन का वास्तविक फर्क है। (इनपुट: आईएएनएस)


