सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्मार्ट क्लासरूम की ओर दिल्ली

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सर्वोदय विद्यालय, मानसरोवर गार्डन के नव-निर्मित भवन, 100 आधुनिक आईसीटी लैब्स और डीआईईटी (मंडलीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान)  दिलशाद गार्डन का उदघाटन किया। इस अवसर पर शिक्षा, टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा गया।

‘असली बदलाव क्लासरूम में दिखता है’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राजनीति में “बदलाव” शब्द का अक्सर प्रयोग किया जाता है, लेकिन असली बदलाव अखबारों के फुल-पेज विज्ञापनों में नहीं, बल्कि क्लासरूम की छत, बच्चों की लैब और स्कूल की बुनियादी सुविधाओं में दिखाई देता है।

विज्ञापन नहीं, शिक्षा पर खर्च हो रहा सरकारी पैसा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की स्पष्ट सोच और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण आज सरकारी धन विज्ञापन पर नहीं, बल्कि सीमेंट, स्कूल भवन, स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब्स पर खर्च हो रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री, शिक्षा निदेशालय की टीम, लाडली फाउंडेशन और एआईएफ का आभार जताया।

कंप्यूटर लिटरेसी आज की अनिवार्यता

आशीष सूद ने कहा कि नीट, सीयूईटी, सीएलएटी जैसे बड़े एग्जाम के लिए कंप्यूटर लिटरेसी अनिवार्य हो चुकी है, लेकिन हकीकत यह है कि कई बच्चों के घरों में कंप्यूटर तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया स्कूल दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि जब बच्चों से पूछा गया कि कितनों के घर में कंप्यूटर है, तो सिर्फ 7–8 बच्चों ने हाथ उठाया, जिनमें से कुछ ने ऑफिस में उपयोग होने वाले लैपटॉप को ही घर का कंप्यूटर बताया।

ब्लैकबोर्ड से स्मार्ट बोर्ड तक का सफर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय था जब नई शिक्षा नीति 1984 के तहत “ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड” चलाया गया था, जिसका लक्ष्य हर कक्षा में ब्लैकबोर्ड पहुंचाना था। आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार हर सरकारी स्कूल की हर क्लासरूम में स्मार्ट बोर्ड पहुंचाने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है।

हजारों कंप्यूटर और स्मार्ट बोर्ड्स की योजना

उन्होंने बताया कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों को एक वर्ष से भी कम समय में 7,000 से अधिक नए कंप्यूटर दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 7,000 स्मार्ट ब्लैक बोर्ड्स का टेंडर हो चुका है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 21,000 क्लासरूम्स में अगले 4 वर्षों में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनकी 5 वर्षों की मेंटेनेंस गारंटी भी होगी।

175 आईसीटी लैब्स में 7,000 कंप्यूटर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली में 175 आईसीटी लैब्स के लिए 7,000 कंप्यूटरों का टेंडर किया जा चुका है, जो 31 मार्च से पहले स्कूलों में पहुंच जाएंगे।

पूर्ववर्ती सरकार पर हमला

पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए आशीष सूद ने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में 10 मॉनिटर पर एक सीपीयू लगाकर आईसीटी लैब होने का दावा किया जाता था और उन्हीं पर फुल-पेज विज्ञापन दिए जाते थे। उन्होंने सर्वोदय विद्यालय, मानसरोवर गार्डन की पुरानी बिल्डिंग का जिक्र करते हुए कहा कि तब न लैब्स में पर्याप्त कंप्यूटर थे और न ही बच्चों को आईटी इनेबल्ड शिक्षा मिलती थी, फिर भी वर्ल्ड क्लास एजुकेशन का दावा किया जाता था।

लाडली फाउंडेशन का सहयोग

शिक्षा मंत्री ने बताया कि आज लाडली फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित आईसीटी लैब्स में हर टेबल पर अलग कंप्यूटर और अलग यूपीएस उपलब्ध कराया गया है। लाडली फाउंडेशन अब तक 100 आईसीटी लैब्स में 2,000 कंप्यूटर डोनेट कर चुका है और 75 और लैब्स में 1,500 कंप्यूटर देने का वादा किया गया है।

हर सरकारी स्कूल में आईसीटी लैब का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि दिल्ली में 1,000 से अधिक सरकारी स्कूल हैं और अगले 3 वर्षों में हर सरकारी स्कूल में आईसीटी लैब स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही इस वर्ष 100 से अधिक डिजिटल लाइब्रेरी भी सरकारी स्कूलों में शुरू की जा रही हैं।

एआई समिट में दिल्ली मॉडल का प्रदर्शन

शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि आगामी एआई समिट में दिल्ली सरकार का 600 वर्ग फुट का स्टॉल लगाया जाएगा, जहां शिक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को विश्व मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने इसे दिल्ली के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

‘गिव बैक’ अभियान की शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने “गिव बैक” अभियान की शुरुआत की घोषणा की और दिल्ली के अभिभावकों, नागरिकों और सरकारी स्कूलों के पूर्व छात्रों से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएसआर सहयोग लेने के बावजूद सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रही, बल्कि समाज के साथ मिलकर सरकारी और निजी स्कूलों के बीच की खाई को खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

दिल्ली में शिक्षा परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू

कार्यक्रम के अंत में शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, लाडली फाउंडेशन, एआईएफ और सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली में शिक्षा परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और “बॉल रोलिंग शुरू हो गई है”, जो अब तेज गति से आगे बढ़ेगी। (इनपुट: आईएएनएस)