नई दिल्ली में आज गुरुवार को तीन दिवसीय ‘स्टार्टअप महाकुंभ 2025’ का भव्य आगाज हुआ। यह आयोजन भारत मंडपम में हो रहा है और इसे देश के सबसे बड़े स्टार्टअप इवेंट के रूप में देखा जा रहा है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक देशों के 3,000 से ज्यादा स्टार्टअप अपनी नई तकनीक, उत्पाद और सेवाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा, 1,000 से अधिक निवेशक और इनक्यूबेटर भी इस आयोजन में भाग ले रहे हैं, जिससे स्टार्टअप्स को फंडिंग और नेटवर्किंग का बड़ा मौका मिल रहा है।
इस महाकुंभ में एआई, डीप टेक, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थ टेक, बायोटेक, एग्री टेक, एनर्जी और क्लाइमेट टेक, डी2सी, फिनटेक, गेमिंग, डिफेंस, स्पेस टेक और मोबिलिटी जैसे 10 प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत किया गया है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को निवेश, वैश्विक कनेक्शन और नए अवसरों तक पहुंच दिलाना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा, “भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे पास टैलेंट, स्किल और एक मजबूत सरकार है, जो स्टार्टअप्स के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रही है।”
वहीं उत्तर प्रदेश के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा, “प्रयागराज का महाकुंभ दुनिया के लिए ऐतिहासिक रहा है, और अब स्टार्टअप महाकुंभ भारत के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम कर रहा है। यह इवेंट देश की नई प्रतिभाओं को आगे लाने में मदद करेगा और भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्टार्टअप हब बनाएगा।”