केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 के बाद से भारत के डॉप्लर मौसम राडार (DWR) नेटवर्क में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। परिचालन इकाइयों की संख्या 14 से बढ़कर 50 हो गई है, जो 250% से अधिक वृद्धि को दर्शाती है। इससे देश के 87% से अधिक हिस्से को कवर किया जा रहा है और मौसम पूर्वानुमान की सटीकता में बड़ा सुधार हुआ है।
आईएमडी की क्षमता में बड़ा इजाफा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के तहत इस विस्तारित नेटवर्क से चक्रवात, आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के पूर्वानुमान अधिक सटीक हुए हैं। मंत्री ने कहा कि ‘मिशन मौसम’ के तहत 50 और डॉप्लर राडार स्थापित करने की योजना है, जिससे कवरेज और बढ़ेगा।
लोधी रोड मुख्यालय में सेल्फी प्वाइंट का उद्घाटन
नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित आईएमडी मुख्यालय में मौसम राडार को दर्शाने वाले एक सेल्फी प्वाइंट का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन और आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक मौजूद रहे।
मौसम पूर्वानुमान बना रोजमर्रा की जरूरत
मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में मौसम पूर्वानुमान की विश्वसनीयता में जबरदस्त सुधार हुआ है। आज किसान, पायलट, गृहिणियां और कार्यक्रम आयोजक तक मौसम की जानकारी का उपयोग कर रहे हैं। लोग अब घर से निकलने से पहले मोबाइल पर मौसम अपडेट देखना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।
‘नाउकास्ट’ सेवाओं से रियल-टाइम जानकारी
डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘नाउकास्ट’ सेवाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे अगले तीन घंटों तक का अत्यंत स्थानीय और सटीक पूर्वानुमान संभव हो गया है। यह सेवा आपदा प्रबंधन, शहरी योजना और दैनिक निर्णयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
आधुनिक तकनीक से बेहतर निगरानी
डॉप्लर राडार ‘डॉप्लर प्रभाव’ के आधार पर मौसम प्रणालियों की गति और दिशा को ट्रैक करते हैं। दोहरी-ध्रुवीकरण तकनीक से लैस ये राडार वर्षा, ओलावृष्टि और फुहार के प्रकारों की सटीक पहचान कर सकते हैं, जिससे गलत संकेतों में कमी आती है और पूर्वानुमान की गुणवत्ता बढ़ती है।
आपदा प्रबंधन और कृषि में मदद
विस्तारित राडार नेटवर्क से चक्रवात, भारी वर्षा और अन्य चरम मौसमी घटनाओं के लिए समय पर चेतावनी संभव हो रही है। इससे विमानन सुरक्षा, कृषि योजना और आपदा जोखिम को कम करने में मदद मिल रही है।
वैश्विक सहयोग में भी योगदान
मंत्री ने बताया कि भारत की उन्नत पूर्वानुमान क्षमता का लाभ पड़ोसी देशों को भी मिल रहा है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग को मजबूत करता है।
जन-जागरूकता बढ़ाने की पहल
आईएमडी मुख्यालय में स्थापित सेल्फी प्वाइंट का उद्देश्य आम लोगों को मौसम विज्ञान तकनीक से जोड़ना और मोबाइल ऐप, एसएमएस अलर्ट व सोशल मीडिया के माध्यम से सेवाओं का उपयोग बढ़ाना है। (इनपुट: पीआईबी)


