दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि ऐसे किसी भी ग्राहक को नया मोबाइल कनेक्शन जारी न किया जाए, जिसके नाम पर पहले से ही निर्धारित अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं।
DoT के निर्देश के अनुसार, 24 अगस्त 2026 से दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) को तकनीकी और संगठनात्मक उपायों के जरिए ऐसे ग्राहकों की पहचान करनी होगी, जो निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन लेने का प्रयास करते हैं।
ऐसे ग्राहकों को सूचित किया जाएगा कि उनके नाम पर पहले ही अधिकतम अनुमत मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं और इसलिए उन्हें नया कनेक्शन जारी नहीं किया जा सकता।
निर्देशों के तहत ग्राहकों को कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) में अपने नाम पर पहले से मौजूद मोबाइल कनेक्शनों की संख्या की घोषणा भी करनी होगी। इसमें अलग-अलग टेलीकॉम ऑपरेटरों और लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों में उनके नाम पर मौजूद कनेक्शन शामिल होंगे।
DoT ने बताया कि निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन रखने वाले ग्राहकों का विवरण उसके डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) पर उपलब्ध है। टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे ग्राहकों की पहचान करने में मदद के लिए विभाग ने एक विशेष व्यवस्था भी की है।
23 अगस्त से DIP पर उन ग्राहकों की फोटो का प्रतिनिधि चित्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिनके नाम पर पहले ही निर्धारित अधिकतम संख्या में मोबाइल कनेक्शन हैं। टेलीकॉम कंपनियां इस जानकारी का इस्तेमाल ऐसे ग्राहकों की पहचान करने के लिए कर सकेंगी।
DoT के अनुसार, जब तक टेलीकॉम कंपनियां इन उपायों को लागू नहीं करतीं, तब तक निर्धारित सीमा से अधिक सक्रिय किया गया कोई भी मोबाइल कनेक्शन तुरंत निलंबित किया जाएगा। यह निलंबन तब तक रहेगा, जब तक निर्धारित सीमा से अधिक कनेक्शन रखने से जुड़ा मामला हल नहीं हो जाता।
मौजूदा नियमों के तहत 9 अगस्त 2012 को जारी निर्देशों के अनुसार, देश में कोई व्यक्ति सभी टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं और सभी लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है।
हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा कम है। इन क्षेत्रों में एक ग्राहक के नाम पर अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन की अनुमति है।
दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को इन निर्धारित सीमाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इनपुटः आईएएनएस


