केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय विज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईएसईआर) के 15वें स्नातक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का परमाणु कार्यक्रम नए चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों से डॉ. होमी जहांगीर भाभा की वैज्ञानिक विरासत को आगे बढ़ाने और विकसित भारत 2047 तथा नेट ज़ीरो के राष्ट्रीय लक्ष्यों में योगदान देने का आह्वान किया।
होमी भाभा की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एनआईएसईआर जैसे संस्थान के दीक्षांत समारोह में डिग्री प्रदान करना केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की विरासत अगली पीढ़ी को सौंपने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज 260 स्नातक छात्रों को डिग्री देकर डॉ. होमी भाभा के मिशन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपी जा रही है।
उपराष्ट्रपति सहित कई गणमान्य रहे मौजूद
समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, एनआईएसईआर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. अजीत कुमार मोहंती, निदेशक प्रो. हिरेन्द्र नाथ घोष, वैज्ञानिक, शिक्षक, अभिभावक और छात्र भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर इंटीग्रेटेड एमएससी, एमएससी-पीएचडी, एमएससी और पीएचडी कार्यक्रमों के 260 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
परमाणु कार्यक्रम नई ऊंचाइयों पर
जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा ने इसकी परिकल्पना शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हुए सुधारों से स्वदेशी क्षमताएं मजबूत हुई हैं और रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।
प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का उल्लेख
उन्होंने कहा कि भारत अपने पहले प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के विकास के साथ परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। यह उपलब्धि देश की स्वदेशी वैज्ञानिक क्षमता और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विकसित भारत और नेट ज़ीरो का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस वर्ष डिग्री प्राप्त करने वाले 260 युवा वैज्ञानिक प्रधानमंत्री मोदी के दो प्रमुख राष्ट्रीय संकल्प—विकसित भारत 2047 और नेट ज़ीरो—को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि देश को वैज्ञानिक नवाचार और टिकाऊ समाधान विकसित करने के लिए युवाओं की प्रतिभा पर भरोसा है।
परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत की वर्तमान स्थापित परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता 8,780 मेगावाट है, जिसे वर्ष 2032 तक बढ़ाकर 22,380 मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
रेयर अर्थ कॉरिडोर और एनईपी 2020 का जिक्र
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में चार रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की गई है, जिनमें एक ओडिशा में स्थापित होगा। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सराहना करते हुए कहा कि इससे अंतर्विषयक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई गति मिली है तथा एनआईएसईआर जैसे संस्थान इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
स्नातकों को राष्ट्र निर्माण का संदेश
अपने संबोधन के अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी स्नातकों को बधाई देते हुए कहा कि वे केवल डिग्रियां ही नहीं, बल्कि विज्ञान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का संकल्प भी लेकर जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नई पीढ़ी भारत को आत्मनिर्भर, नवाचारी और विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। (इनपुट: पीआईबी)


